महायुद्ध का प्रभाव गाँव-घर तक लगा
महायुद्ध का प्रभाव गाँव-घर तक लगा परिचय दुनिया में होने वाले बड़े राजनीतिक और सैन्य इतिहास का प्रभाव केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहता। धीरे-धीरे उनके स्वामित्व वाले व्यवसाय और छोटे स्टूडियो तक का पता चला है। वर्तमान वैश्विक तनाव की स्थिति में यह चिंता का विषय बना हुआ है कि युद्ध का प्रभाव ग्रामीण जीवन पर भी पड़ सकता है। भीड़ का बड़ा असर जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर संकट बढ़ा है तो सबसे पहली विविधता है। जल, खाद्य पदार्थ और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। इसका सीधा प्रभाव ग्रामीण परिवारों के खर्च पर है। कृषि पर प्रभाव ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था काफी हद तक कृषि पर आधारित है। यदि जंगल और मंजिलें हैं तो खेती की लागत बढ़ जाती है। इससे किसान आय से प्रभावित हो सकते हैं। ग्रामीण समाज में प्रबल चिंता कश्मीर में भी लोग अंतरराष्ट्रीय तस्वीरें देखते रहते हैं। टीवी, मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में वैश्विक तनाव की खबरें ग्रामीण समाज में भी चिंता का कारण बनती हैं। सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव फसल वृद्धि से लेकर ग्रामीण बाजार तक का असर यहां दिख...