मार्च 2026 का राज्यसभा चुनाव एक निर्णायक मोड़ के रूप में उभरा
मार्च 2026 का राज्यसभा चुनाव एक निर्णायक मोड़ के रूप में उभरा रिपोर्टः आलोक कुमार बिहार की राजनीति में मार्च 2026 का राज्यसभा चुनाव एक निर्णायक मोड़ के रूप में उभरा है। 16 मार्च के आसपास घोषित हुए परिणामों ने न केवल सत्ता संतुलन को स्पष्ट किया, बल्कि यह भी संकेत दे दिया कि फिलहाल राज्य की राजनीति में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की पकड़ बेहद मजबूत है। पांच सीटों पर हुए इस चुनाव में एनडीए ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया। यह जीत केवल संख्या का खेल नहीं, बल्कि संगठन, रणनीति और समन्वय की सफलता का प्रतीक है। एनडीए का दबदबा: रणनीति और संतुलन की जीत इस चुनाव में जेडीयू, बीजेपी और सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। जेडीयू की ओर से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर विजयी रहे, जबकि बीजेपी के नितिन नबीन और शिवेश राम ने जीत दर्ज की। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल कर एनडीए की स्थिति को और मजबूत किया। ...