बिहार में ईसाई मिशनरी संस्थानों की भूमिका
बिहार में ईसाई मिशनरी संस्थानों की भूमिका: शिक्षा में भरोसा, चिकित्सा में हिचक क्यों? प्रस्तावना ईसाई मिशनरी परंपरा में शिक्षा और चिकित्सा को सेवा का सबसे बड़ा माध्यम माना गया है। प्रभु यीशु मसीह के उपदेशों में पीड़ितों, बीमारों और वंचितों की सेवा को सच्ची धार्मिकता बताया गया है। इसी सोच के साथ मिशनरियों ने दुनिया भर में स्कूल, कॉलेज और अस्पताल स्थापित किए। भारत, खासकर बिहार में भी इसका गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। बिहार में मिशनरी शिक्षा संस्थानों की लोकप्रियता पटना के St. Michael's High School, St. Xavier's School, Loyola High School, St. Joseph's Convent, St. Mary's School और Notre Dame Academy जैसे संस्थान वर्षों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रसिद्ध हैं। इन स्कूलों की खासियत है: अनुशासन और नैतिक शिक्षा अंग्रेज़ी माध्यम और आधुनिक पाठ्यक्रम व्यक्तित्व विकास पर जोर यही कारण है कि हर धर्म के अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन इन स्कूलों में कराना चाहते हैं। मिशनरी अस्पताल: सेवा-भाव का उदाहरण स्वास्थ्य सेवाओं में Ku...