India: नया विधेयक और बढ़ती आशंकाएँ
एफसीआरए संशोधन पर सीबीसीआई की चिंता: स्वतंत्रता, पारदर्शिता और अधिकारों पर उठते सवाल भारत में विदेशी फंडिंग से जुड़े कानून Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर देश के प्रमुख कैथोलिक संगठन Catholic Bishops’ Conference of India ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। संगठन ने इस विधेयक को “खतरनाक” और “चिंताजनक” बताया है। उनका मानना है कि यह संशोधन संविधान द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रताओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है और सरकार को अत्यधिक अधिकार दे सकता है। विधेयक की पृष्ठभूमि और संसद में प्रस्तुति यह संशोधन विधेयक 26 मार्च को Lok Sabha में प्रस्तुत किया गया। सरकार का तर्क है कि इन संशोधनों से विदेशी चंदे के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। हालांकि, कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे लेकर आपत्ति जताई है। सीबीसीआई के अनुसार, विधेयक को बिना पर्याप्त चर्चा और व्यापक परामर्श के पेश किया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ माना जा सकता है। सीबीसीआई की प्रमुख आपत्तियाँ सीबीसीआई ने अपने बयान में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चिंता जताई है: 1. कार्यपालिका के अत...