Bihar : स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड: कर्ज की सीमा नहीं, सपनों की उड़ान बचाइए
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड: कर्ज की सीमा नहीं, सपनों की उड़ान बचाइए जिस योजना का मकसद गरीब बिहार के बच्चों को यह भरोसा देना था कि पैसे की कमी उनके सपनों की सबसे बड़ी दीवार नहीं बनेगी, आज वही योजना सवालों के घेरे में है। सवाल सिर्फ ₹4 लाख से ₹2 लाख का नहीं है। सवाल यह है कि बिहार का गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थी आखिर अपनी उच्च शिक्षा का खर्च कैसे उठाएगा? बिहार में शिक्षा और रोजगार की चर्चा जब भी होती है, एक सवाल सबसे पहले सामने आता है—क्या आर्थिक रूप से कमजोर परिवार का बच्चा भी इंजीनियर, डॉक्टर, मैनेजर या किसी दूसरे पेशेवर पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकता है? इसी सवाल का जवाब देने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने इसे अपने विकास एजेंडे ‘आर्थिक हल, युवाओं को बल’ के तहत लागू किया और सात निश्चय कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया। 2 अक्टूबर 2016, गांधी जयंती के दिन शुरू हुई इस योजना ने उन विद्यार्थियों के लिए उम्मीद पैदा की, जिनके सामने प्रतिभा तो थी, लेकिन आर्थिक संसाधन नहीं थे। 12वीं पास विद्यार्थियों को ...