सभी युवक-युवतियां इस ‘येसु युवा‘ के सदस्य बन सकते हैं
बेतिया.बेतिया धर्मप्रांत के बेतिया पल्ली में ढाई कोस ही ‘जीसस यूथ‘ चल पाया था.ढाई कोस चलने वाले ‘जीसस यूथ‘को ऑक्सीजन देकर पुनर्जीवित करने का प्रयास होने लगा है. इंजेक्शन कोरामाइन भी दी जा रही है.बेतिया पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेनरी फर्नांडो ने बीड़ा उठाया है. बेतिया पल्ली में एक बार फिर ‘जीसस यूथ‘ को मजबूत करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है.कुछ साल ‘जीसस यूथ‘ ढाई कोस ही चल पाया था.बता दे कि 1970 के दशक के मध्य में करिश्माई नवीनीकरण की लौ भारत और केरल तक फैल गई, जो भारतीय उपमहाद्वीप का सबसे दक्षिणी छोर है. पवित्र आत्मा की लहर ने कई युवा समूहों को जन्म दिया जहां कैथोलिक युवाओं ने येसु और सुसमाचार का एक नए और ताज़ा तरीके से सामना किया.धीरे-धीरे ये समूह आपस में जुड़ने लगे और 1985 में ये युवा समूह एक बड़े सम्मेलन के लिए एक साथ आए.सम्मेलन को ‘येसु युवा 85‘ कहा गया और सम्मेलन में भाग लेने वाले युवा स्वयं को ‘येसु युवा‘ कहने लगे. इन युवा लोगों ने अपने अनुभव अपने आसपास के लोगों के साथ साझा किए,यह बेतिया पल्ली तक पहुंच गया.‘येसु युवा‘ विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कार्यस्थलों और शहरों मे...