मानव सेवा को समर्पित ‘प्रबोध जन सेवा संस्थान‘
जमुई. इस जिले के सहिया में शंकर यादव रहते हैं.उनकी बीस वर्षीय पत्नी सिंकु कुमारी है.वह गर्भवती है.वह जमुई के एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती हुई थी.जहां प्रसव के दौरान ही बच्चे की मौत पेट में ही हो गई.इस अवस्था में जच्चा की जान बचाने के लिए चिकित्सक ने एक यूनिट रक्त चढ़ाने की सलाह दी. चिकित्सक द्वारा खून चढ़ाने की बात कहने पर सिंकु कुमारी के पति शंकर यादव घबरा गये थे.किसी तरह से खबर मानव सेवा को समर्पित ‘प्रबोध जन सेवा संस्थान‘ से जुड़े सहयोगियों को मिली.एक गर्भ में बच्चे की मौत होने और दूसरी मां को मौत के मुंह में समा जाने का भय से परेशान चरघरा, झाझा निवासी दीपक कुमार ने रक्तदान कर एक मां की जिंदगी बचाने में सफल हो गया. बताया जाता है कि शंकर यादव की पत्नी सिंकु कुमारी के गर्भ में सात माह का शिशु पल रहा था.उसने प्रसवावस्था के दौरान सात महीने के नवजात शिशु को खो दिया.बीस वर्षीय पत्नी सिंकु कुमारी जमुई के एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती हुई थी. जहां प्रसव के दौरान अनहोनी हो गयी.इसके बाद चिकित्सक ने ...