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37 लोगों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

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 जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री 37 लोगों की सुनी समस्याएं, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में शामिल हुए. ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 37 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए.          आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री‘ कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी.            ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्र...

ईसाई समुदाय की निरंतर वृद्धि की गवाही देता

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  620 दिनों के बाद भी पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप नहीं पूर्णिया.रोम के द्वारा बड़ा धर्मप्रांत को विभक्त कर छोटा धर्मप्रांत बनाया जाता है.यह ख्याल रखा जाता है कि धर्मप्रांत का बिशप का ताज पहनने वाला व्यक्ति लोकल व लोकल भाषा का जानकार हो.इसके आलोक में संत पिता जॉन XXIII, अपोस्टोलिक बुल द्वारा, "एक्सल्टेट सैंक्टा मेटर एक्लेसिया", ने 8 अगस्त, 1962 को दुमका धर्मप्रांत की स्थापना की थी.      बता दें कि दुमका धर्मप्रांत बनने के 36 साल बाद पोप जॉन पॉल द्वितीय की घोषणा के माध्यम से 11 अगस्त 1998 को पूर्णिया धर्मप्रांत का जन्म हुआ है.इस समय पूर्णिया धर्मप्रांत बनने का 25 साल हो रहा है.इस चिरस्मरणीय सिल्वर जुबली ईयर काल में पूर्णिया धर्मप्रांत में बिशप ही नहीं है.पूर्णिया धर्मप्रांत को प्रशासक के बल पर चलाया जा रहा है.इस धर्मप्रांत का प्रशासक फादर सहायराज कॉन्स्टेंटाइन है.इससे पहले बिशप एंजेलुस कुजूर, एसजे पदस्थापित थे.अब पूर्णिया के बिशप एमेरिटस हो गए हैं.इस धर्मप्रांत में हिंदी, बंगाली, उर्दू, संथाली और ओराँव भाषाएँ बोली जाती है.        पोप जॉन पॉल द्विती...

राजगीर के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो का कार्य विवरण

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राजगीर के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो का कार्य विवरण अपने ईश्वर का भजन गाना कितना अच्छा है, उसकी स्तुति करना कितना सुखद है। प्रभु के मंदिर में उसकी स्तुति करो। उसके महिमामय आकाश में उसकी स्तुति करो। उसके महान कार्यों के कारण उसकी स्तुति करो। उसके प्रताप के कारण उसकी स्तुति करो। तुरही फूकते हुए वीणा और सितार बजाते हुए, ढोल बजाते और नृत्य करते हुए, हुए, झांझो की ध्वनि पर उसकी स्तुति करो। मधुर स्वर स्वतः सन् 1969 ई० में आरोक्या सामी और रथिना मेरी के कंठो से फूट जब उनके पहिलौते पुत्र जेम्स रोजारियो का उनके घर में जन्म हुआ। ईश्वर की महिमा का सौंदर्य धारण कर इन्होंने आनंदित होकर अपने पुत्र का पालन पोषण किया।  जब उनके दो पुत्र अलबर्ट राजा और अमल राजा का जन्म हुआ तो उनके कंठो से ये स्वर फूट पड़े - हम कितने सौभागयशाली है, ईश्वर की इच्छा हम पर प्रकट हुई। आकाश जयजयकार करो क्योंकि प्रभु ने यह संपन्न किया। पृथ्वी की गहराईयों से जयघोष करो; पर्वतो, वन और वृक्षों उल्लासित होकर गाओं।  प्रज्ञा का मूल्य मोतियों से भी बढ़कर और वह किसी वस्तु से अधिक वांछनीय है। ज्ञान परिष्कृत सोना श्रेष्ठतर है...

फल्गु नदी में बहते जल को देखा और अधिकारियों से कई अहम जानकारियां ली

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  गया । गया में बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान) के मुख्य प्रशासनिक भवन एवं बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी (बी0टी0एम0सी0) के कार्यालय के नवनिर्मित भवनों का उद्घाटन किया। सीता कुंड स्थित नवनिर्मित मां सीता पथ का लोकार्पण किया। गयाजी धर्मशाला का शिलान्यास किया। विष्णुपद मंदिर के आसपास पितृपक्ष मेला से संबंधित विभिन्न स्थलों का भी निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इसके साथ ही, भगवान बुद्ध और बोधिवृक्ष की पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि तीर्थयात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लिए सरकार प्रयासरत है। नीतीश ने शुक्रवार को यहां सीता कुंड पिंड बेदी का दर्शन करने के बाद सीता कुंड के समीप बने मां सीता पथ का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण किया। उन्होंने रबर डैम का अवलोकन भी किया, साथ ही फल्गु नदी में बहते जल को देखा और अधिकारियों से कई अहम जानकारियां ली।     मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थयात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं देने के लि...

रविवार 10 सितंबर को बाइबिल दिवस मनाया

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  शाहपुर.बक्सर धर्मप्रांत में शाहपुर पल्ली बड़ी पैरिश है.इस पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर है.उन्होंने बताया कि आज रविवार 10 सितंबर को बाइबिल दिवस मनाया गया.       आज पल्ली पुरोहित फादर भास्कर ने पवित्र मिस्सा अर्पित किए.भक्तों ने बाइबल जुलूस निकाला और पवित्र बाइबल को चुंबन किए.        मौके पर पल्ली पुरोहित और अनुष्ठानकर्ता फादर भास्कर ने अपने प्रवचन में कहा कि हम लोगों को प्रतिदिन बाइबल पढ़ना चाहिए.इसे जीवन के महत्वपूर्ण कर्तव्य समझ कर अध्ययन करना चाहिए.    उन्होंने कहा कि बाइबल की विषय-सूचि पर नजर डालने से  ज्ञात होगा कि यह एक नहीं वरन् अनेक रचनाओं का संकलन है. रचना-काल भी कई शताब्दियों तक फैला हुआ है.अलग-अलग रचनाकारों की रचनाएं हैं. इसकी मूल भाषा कभी इब्रानी रही तो कभी यूनानी. अर्थात समय, रचनाकार, भाषा - सब अलग. सम्पूर्ण बाइबल में कुल 73 ग्रंथ हैं.पुराने विधान में 46 और नए विधान में 27 ग्रंथ हैं.दूसरे शब्दों में कहें तो 46 पुस्तक येसु ख्रीस्त के जन्म से पहले लिखे गए और 27 पुस्तक उनके जन्म के बाद.73 ग्रंथों को लिखने में 1300 स...

केवल विशेष लोगों को उपहार में दी जाती है. पदक संख्या 261 थी

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  नई दिल्ली. दिल्ली महाधर्मप्रांत के पुरोहित और धर्मशास्त्री फादर निकोलस डायस हैं.फादर निकोलस डायस को अमेरिकी दूतावास से एक उद्देश्य से फोन आया- अमेरिकी राष्ट्रपति एक निजी प्रार्थना सभा (पवित्र मिस्सा) आयोजित करना चाहते थे.     Father Nicholas received a call from the American Embassy with a purpose – the American President wanted to organize a private prayer meeting.     अमेरिकी दूतावास ने दिल्ली के पुरोहित से संपर्क कर शनिवार की सुबह मौर्य शेरेटन होटल में जो बाइडेन के लिए निजी प्रार्थना सभा आयोजित करने के लिए उनकी उपस्थिति का अनुरोध किया था, जहां अमेरिकी राष्ट्रपति ठहरे हुए हैं.शनिवार सुबह करीब 9 बजे होटल में सामूहिक प्रार्थना सभा (पवित्र मिस्सा) हुई.      एक कट्टर कैथोलिक अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन से पहले यीशु मसीह का आशीर्वाद लिया और स्वर्गीय कृपा प्राप्त की.        अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ एक निजी कमरे में आयोजित निजी प्रार्थना सभा के दौरान कैथोलिकों के एक छोटे प्रतिनिधिमंडल ने भी भाग लि...

मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर जेम्स रोजारियो थे

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   पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो का पुरोहिताभिषेक का सिल्वर जुबली राजगीर.बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला नालंदा है.यहां पर पटना महाधर्मप्रांत के चार मिशन संचालित है.पहला बिहारशरीफ में सेक्रेड हार्ट चर्च है.1936 में स्थापित है.यहां ईसाइयों की संख्या 3330 है.द्वितीय हिल्सा में संत मदर टेरेसा ऑफ कोलकाता है.1937 में स्थापित है.यहां ईसाइयों की संख्या 200 है.तीसरा हरनौत में संत जोसेफ चर्च है.यह 1966 से स्थापित है.ईसाइयों की संख्या 3010 है.चौथा राजगीर में संत मेरी चर्च है.यह 1993 में स्थापित है.ईसाइयों की संख्या 400 है.यहां के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो हैं. आज रविवार 10 सितंबर को संत मेरी चर्च में जश्न का माहौल है.आज राजगीर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर जेम्स रोजारियो (54 वर्ष) का पुरोहिताभिषेक का सिल्वर जुबली मनाया गया.उनका पुरोहिताभिषेक 18 जनवरी,1999 को हुआ था.उनके साथ फादर प्रेम प्रकाश का भी सिल्वर जुबली मनाया गया.उनका पुरोहिताभिषेक 13 अप्रैल,1999 को हुआ था.57 वर्षीय फादर प्रेम प्रकाश बिहारशरीफ में सेक्रेड हार्ट चर्च में पदस्थापित हैं.पटना महाधर्मप्रांत के ए...