रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद
रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट का आईंद पुरोहिताभिषेक 30 अप्रैल 1984 को पटना.जब कभी भी बिशप और आर्चबिशप का चुनाव होने वाला होता है,तो स्थानीय लोग स्थानीय पुरोहित को ही बिशप और आर्चबिशप को चुनने पर बल देते है.यह परंपरा पटना धर्मप्रांत के अंतिम अंग्रेज बिशप अगस्टीन बिल्डर मुथ के साथ शुरू हुआ.वह सिलसिला जारी है. अंग्रेज बिशप के द्वारा पटना धर्मप्रांत के बिशप पद से त्याग पत्र देने के बाद रोम में रहने वाले पोप ने पटना धर्मप्रांत को विभक्त कर दिया.उसके कारण मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत बना.इससे एक साथ दो धरती पुत्र को बिशप बने.पटना धर्मप्रांत के बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता और मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप जौन बापतिस्ट ठाकुर बने.बाद में बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता आर्चबिशप बने.उसके बाद बेतिया धर्मप्रांत,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत और बक्सर धर्मप्रांत के बिशप बनते समय धरती पुत्रों को नजरअंदाज कर दिये गये.उसी तरह आर्चबिशप पद पर भी धरती पुत्रों को हाशिए पर रखा गया.जिसे जारी रखा जा रहा है. दूसरी ओर प...