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जिलाधिकारी द्वारा प्रखंडवार इसकी समीक्षा

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 इस्लामपुर प्रखंड में जनसंवाद कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों सुझाव के आधार पर विभिन्न योजना के क्रियान्वयन को लेकर त्वरित अग्रेतर कार्रवाई का दिया गया निर्देश नालंदा। नालंदा जिला के सभी प्रखंडों में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा चुका है।जनसंवाद कार्यक्रम में योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण से फीडबैक लिया गया है। सभी जगहों पर संबंधित प्रखंड के विकास से संबंधित कुछ आवश्यकताओं/परिवादों के बारे में बताया गया है।प्राप्त सुझावों/परिवादों के आधार पर इनके क्रियान्वन के लिए जिलाधिकारी द्वारा प्रखंडवार इसकी समीक्षा की जा रही है।    इसी कड़ी में आज जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने इसलामपुर प्रखंड में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में प्राप्त सुझावों/परिवादों के आलोक में  अग्रेतर क्रियान्वयन/निष्पादन की एक एक कर समीक्षा की।जनसंवाद कार्यक्रम के क्रम में इसलामपुर प्रखंड में 44 सुझाव/परिवाद प्राप्त हुये थे। इनमें से अधिकांश सुझाव/परिवाद पइन की उड़ाही,जल निकासी, पथ निर्माण,कृषि कार्य के लिए ट्रांसफर्मर लगाने, स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं आदि से संबंधित थे।    ...

सेविकाओं को 25000 और सहायिकाओं को 18,000 प्रतिमाह मानदेय राशि दी जाए

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  चयन मुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बहाल करने की मांग अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपए सुनिश्चित की मांग पटना.बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन का आह्वान पर आंगनबाड़ी सेविकाएं 29 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली गयी थी.इनकी मांग है कि सरकारी कर्मचारी के दर्जा और मानदेय में बढ़ोत्तरी किया जाए. बिहार में महागठबंधन ने घोषणा-पत्र में सरकार बनने पर आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के मानदेय को दुगना करने का वादा किया था. तेजस्वी यादव ने लगभग अधिकांश चुनावी सभाओं में आश्वासन दिया था.                बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन (ऐक्टू-गोप गुट) की संयोजक रंजना यादव ने कहा कि हमलोग सत्ता नहीं मांग रहे थे.हम तो आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका को बिहार सरकार की ओर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि 10 हजार रुपए सुनिश्चित की मांग कर रहे थे.बिहार सरकार भी सुप्रीम कोर्ट का आदेश के आलोक में बिहार में भी ग्रेच्युटी भुगतान करना सुनिश्चित करें.केंद्र सरकार की तरह ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा देते हुए ग्रेड सी और ग्रेड डी में समायोजित किया जाए.जब तक सरकारी कर्म...

रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद

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रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप है बागडोगरा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट आईंद  नवनियुक्त आर्चबिशप विंसेंट का आईंद पुरोहिताभिषेक 30 अप्रैल 1984 को पटना.जब कभी भी बिशप और आर्चबिशप का चुनाव होने वाला होता है,तो स्थानीय लोग स्थानीय पुरोहित को ही बिशप और आर्चबिशप को चुनने पर बल देते है.यह परंपरा पटना धर्मप्रांत के अंतिम अंग्रेज बिशप अगस्टीन बिल्डर मुथ के साथ शुरू हुआ.वह सिलसिला जारी है. अंग्रेज बिशप के द्वारा पटना धर्मप्रांत के बिशप पद से त्याग पत्र देने के बाद रोम में रहने वाले पोप ने पटना धर्मप्रांत को विभक्त कर दिया.उसके कारण मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत बना.इससे एक साथ दो धरती पुत्र को बिशप बने.पटना धर्मप्रांत के बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता और मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप जौन बापतिस्ट ठाकुर बने.बाद में बिशप बेनेडिक्ट जौन ओस्ता आर्चबिशप बने.उसके बाद बेतिया धर्मप्रांत,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत और बक्सर धर्मप्रांत के बिशप बनते समय धरती पुत्रों को नजरअंदाज कर दिये गये.उसी तरह आर्चबिशप पद पर भी धरती पुत्रों को हाशिए पर रखा गया.जिसे जारी रखा जा रहा है.            दूसरी ओर प...

निर्वाचन कार्य को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

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  निर्वाचन कार्य को दें सर्वोच्च प्राथमिकता : जिला निर्वाचन पदाधिकारी पीएसई (फोटो सिमिलर इन्ट्री) एवं डीएसई (डेमोग्राफी सिम्लर इन्ट्री) अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य को ससमय करें पूर्ण जिला निर्वाचन पदाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न बीएलओ एवं अन्य कर्मियों द्वारा किये जा रहे कार्यों की लगातार समीक्षा एवं अनुश्रवण करने का निर्देश बेतिया।अर्हता तिथि 01.01.2024 के आधार पर निर्वाचक सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत जिले में किये जा रहे कार्यों का जिला निर्वाचन पदाधिकारी, श्री दिनेश कुमार राय द्वारा लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी कड़ी में आज पुनः समाहरणालय सभाकक्ष में समीक्षा-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।        पीएसई (फोटो सिमिलर इन्ट्री) एवं डीएसई (डेमोग्राफी सिम्लर इन्ट्री) कार्यों को लक्ष्य के अनुरूप ससमय शत-प्रतिशत निष्पादित कराने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त द्वारा पीएसई (फोटो सिमिलर इन्ट्री) ए...

एकता परिषद के द्वारा श्योपुर जिले में जयसिंह जादोन के नेतृत्व

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 सभी मुद्दों पर तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया सहरिया आदिवासियों के बीच जल,जंगल,जमीन आदि मुद्दों पर शानदार ढंग से कार्य  श्योपुर.मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव है.इनके राज में अधिकारी संवेदनशील हो गए है.आज श्योपुर जिले के कलेक्टर संजय कुमार सिंह के नाम से ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को दिया गया.ज्ञापन में आदिवासी पंचायतो में भूमि समस्याओं को दर्शाया गया.डिप्टी कलेक्टर संजय जैन ने सभी मुद्दों पर तत्काल कार्यवाही करने का आश्वासन दिया.      विख्यात गांधीवादी विचारक पी.व्ही.राजगोपाल एकता परिषद का संचालक है.इन दिनों एकता परिषद के द्वारा श्योपुर जिले में जयसिंह जादोन के नेतृत्व में आदिवासी व अति पिछड़ी जनजातियों में सहरिया आदिवासियों के बीच जल,जंगल,जमीन आदि मुद्दों पर शानदार ढंग से कार्य किया जाता है.        बताया गया कि आज विगत दिनों हुई आदिवासी पंचायतो में भूमि समस्याओं के जो मुद्दे आए थे,उन सभी मुद्दों पर ज्ञापन कलेक्टर श्योपुर के नाम से बनाया गया था.जिसे आज डिप्टी कलेक्टर संजय जैन को दिया गया.उनसे सभी समस्याओं पर त्वरित का...

अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग गठित

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  अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग गठित  अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग की  रिपोर्ट 2024 में ही पटना.देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास का नारा दे रखा है.उसके विपरित चल अनुच्छेद 331 के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्यों को नामित करने के प्रावधान पर कैंची चला दिया.उसके बाद धर्म परिवर्तन कर लेने वाले अनुसूचित जाति को डी लिस्टिंग करने के लिए आयोग गठित कर दिया है.           बता दें कि एंग्लो इंडियन भारत का अकेला समुदाय हैं जिनका अपना प्रतिनिधि संसद और राज्यों की विधानसभा में मनोनीत करके भेजा जाता था.यह संविधान में व्यवस्था की गयी कि अगर कुल 543 सीटों में एंग्लो इंडियन समुदाय का कोई भी सदस्य चुनकर नहीं आता है तो राष्ट्रपति इस समुदाय के दो लोगों को चुनकर लोकसभा में भेज सकता है. राष्ट्रपति द्वारा 2 लोगों के चुने जाने के स्थिति में लोकसभा में 545 सीटें हो जाती.        अनुच्छेद 331 के तहत राष्ट्रपति लोकसभा में एंग्लो इंडियन समुदाय के द...

मीडिया के लोग उनके साथ चलते थे

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 मोदी सरकार द्वारा मीडिया का दमन बर्दाश्त के बाहर: डा0 अखिलेश पुलिस द्वारा देश के जानेमाने पत्रकारों को प्रताड़ित करने का काम पहले से चल रहा है पटना।जब से मोदी सरकार सत्ता में आयी है एक के बाद एक लोकतंत्र के सभी स्तंभ पर हमला बोल रही है। यह हर विरोधी स्वर को, हर आलोचना को कुचलने का कुत्सित प्रयास में लगी है। मीडिया के खिलाफ अजीब भय का वातावरण पैदा किया जा चुका है। मीडिया से जुड़े लोगों को और खासकर पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। न्यूज में देखा कि झारखंड के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार के घर पे ईडी का छापा पड़ा। पुलिस द्वारा देश के जानेमाने पत्रकारों को प्रताड़ित करने का काम पहले से चल रहा है। कांग्र्रेस ये सब बर्दास्त नहीं कर सकती। यह बातें बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने बुधबार को होटल मौर्या में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कही।                 मीडिया पर हो रहे अत्याचार पर धाबा बोलते हुए डा0 सिंह ने कहा कि देश के कई नामचीन पत्रकारों को मोदी सरकार द्वारा प्रताड़ित किया जाता रहा है। जैसे अजीत अंजुम, र...