केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया को पत्र लिखा
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने चुनाव 2014 में कहा करते थे कि जब बीजेपी की सरकार सत्ता में आएगी,तब सरकार न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर तीन हजार रूपए कर देगे.जो 10 साल के बाद आजतक नहीं हुआ.वहीं लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूनतम पेंशन के बारे में बढ़ाचढ़ाकर अभिभाषण दे दिए. बात 10 फरवरी 2021 की है.लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईपीएस 95 पेंशन धारकों के लिए न्यूनतम पेंशन 1000 रुपये करने का उल्लेख किया.उन्होंने कहा, “2014 से पहले किसी को (ईपीएस) पेंशन 7 रुपये मिल रही थी, किसी को 25 रुपये तो किसी को 50 रुपये, किसी को 250 रुपये मिल रही थी. ये सब देश में चल रहा था. मैंने कहा कि इन पैसों को लेने जाने के लिए भी ऑटो रिक्शा में इससे ज्यादा पैसे खर्च होता होगा. किसी ने मुझसे मांग नहीं की थी.किसी मजदूर संगठन ने मुझे आवेदन नहीं दिया था. फिर भी हमने उन्हें न्यूनतम 1000 रुपये देने का फैसला किया, जबकि हमसे किसी ने मांगा नहीं था.” इस संदर्भ में पेंशनधारकों का कहना है कि प्रधानमंत्री जी, आपने क...