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27 वर्षों की सेवा के उपरांत सेवानिवृत

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  बेतिया .पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में है संत जेवियर्स हायर सेकेंड्री स्कूल.इस स्कूल को जेसुइट चलाते हैं.इस स्कूल की स्थापना 1998 में हुई थी.स्थापना काल से स्कूल में शिक्षण कार्य करने वाली स्कूल की संस्थापिका रेणुका साह की भावभीनी विदाई सेवानिवृत होने पर दी गई.          संत जेवियर्स हायर सेकेंड्री स्कूल बेतिया की शिक्षिका रेणुका साह, विद्यालय के स्थापना वर्ष 1998 से सेवारत हैं आज दिनांक 22 मई 2025 को 27 वर्षों की सेवा के उपरांत सेवानिवृत हुईं. विद्यालय में छात्रों एवं सह शिक्षकों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी.प्रधानाचार्य फादर एडिसन जे आर्मस्ट्रांग ने उनकी कर्मठता के प्रति पूरे विद्यालय परिवार की ओर से कृतज्ञता प्रकट की.         उनके 27 वर्षों की सेवा के लिए बेतिया जेसुइट परिवार के फादर रेक्टर थॉमस चिल्लीकुलम के हाथों से सराहना का प्रतीक एवं प्रशस्ति पत्र शिक्षिका रेणुका साह को भेंट स्वरूप प्रदान किया.                    संत जेवियर्स हायर सेकेंड्री स्कूल की अन्य शिक्षिकाें ने श्रीमती...

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज पुण्य तिथि

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  पटना. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज पुण्य तिथि है. इस दिन यानी 21 मई को हर साल आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है. साल 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी सभा के दौरान लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम के एक आत्मघाती हमलावर द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी. आत्मघाती हमलावर ने एक बेल्ट बम चलाया था, जिसमें राजीव गांधी समेत कई लोग मारे गए थे.        इस अवसर पर बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस द्वारा 21 मई,2025 को मध्याह्न 12.00 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया है.मौके पर कांग्रेस के बिहार प्रभारी श्री कृष्णा अल्लावारू जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजेश राम जी एवं कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता डा0 शकील अहमद खान जी के अलावे कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण एवं युवा कांग्रेस के पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहेंगे. आलोक कुमार

जिससे फैन दिग्वेश राठी को जानने और पहचानने लगे हैं

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अपने 'नोटबुक' में दिग्वेश राठी एंट्री का इशारा करते हैं तब आउट होने वाले प्लेयर को विदाई देते हैं जिससे फैन दिग्वेश राठी को जानने और पहचानने लगे हैं लखनऊ.लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर दिग्वेश राठी चर्चा में हैं.अब तक उन्होंने टूर्नामेंट के 12 मैचों में खेलते हुए 8.18 के शानदार इकॉनमी रेट के साथ 14 विकेट झटके हैं.उसके बाद झटके विकेट को अपने 'नोटबुक' में एंट्री का इशारा करते हुए विदाई देते हैं.जिससे फैन दिग्वेश राठी को जानने और पहचानने लगे हैं.    लखनऊ सुपर जायंट्स के दिग्वेश राठी खिलाड़ी हैं. जो पहली बार आईपीएल खेल रहे हैं.इससे पहले शायद ही कोई क्रिकेट फैन उनको जानता था लेकिन इस एक मौके को राठी ने ऐसे भुनाया कि अब उन्हें हर खिलाड़ी, हर फैन और सभी 10 आईपीएल टीमें याद रखेंगी.     दिग्वेश राठी को आईपीएल 2025 के लिए पिछले साल दिसंबर में आयोजित हुई खिलाड़ियों की बड़ी नीलामी के दौरान लखनऊ सुपर जायंट्स टीम ने उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में खरीदा था.वह इस टूर्नामेंट के सबसे सस्ते खिलाड़ियों में से एक हैं.    लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम अब आईपीएल 2025 प्लेऑफ की रेस से ब...

दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर

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पटना .आज प्रगति भवन पटना में आवासीय भूमिहीन महिलाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर दर्जनों ग्रामीण महिलाओं ने हिस्सा लिया.        आवासीय भूमिहीन महिलाओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दरम्यान प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता कंचन बाला ने महिलाओं के भूमि अधिकार के संदर्भ में मुद्धा उठाते हुए कहा कि आज की दौड़ में महिला को सशक्त होना और आत्मनिर्भर होना बहुत जरूरी है.खासकर ग्रामीण परिवेश में रहने वाले भूमिहीन दलित महिलाएं जो खेतिहर मजदूर हैं उनको अपने घर की जमीन की बहुत जरूरी है क्योंकि जमीन ना सिर्फजीने का साधन है बल्कि जमीन इंसान के अस्तित्व और पहचान का प्रतीक भी है. यह सर्वविदित है कि हमारी पहचान हमारी जमीन से ही होती है और महिलाओं पर अत्याचार रोकने में जमीन की हकदारी बहुत जरूरी  है .             सामाजिक कार्यकर्ता कंचन बाला ने  कहा कि जमीन हमें इज्जत देती है जमीन हमें बराबरी का दर्जा देती है और जमीन हमारे अस्तित्व को समझ में बनती है. इसलिए सरकार को चाहिए की सही ढंग से बिहार का भूमिहीन परिवारों का सर्वेक्षण...

पहला आईपीएल खिताब जीता था राजस्थान रॉयल्स

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  पटना.वर्ष 2008 में पहला आईपीएल खिताब जीता था राजस्थान रॉयल्स ने लेकिन उसके बाद से यह टीम इस खिताब के लिेए तरस रही है. वहीं, सनराइजर्स हैदराबाद की टीम भी वर्ष 2016 में सिर्फ एक बाद आईपीएल की ट्रॉफी उठा पाई है. हालांकि इस टीम ने आईपीएल में काफी बाद में प्रवेश किया. पहले हैदराबाद की टीम का नाम डेक्कन चार्जस हैदराबाद था, जिसने वर्ष 2009 में यह ट्रॉफी जीती थी.  बाद में इसका प्रबंधन बदल गया. इसके अलावा कोलकाता की टीम भी वर्ष 2012 और वर्ष 2014 में यह खिताब जीत चुकी है. इसके बाद नंबर आता है चेन्नई सुपरकिंग्स का. चेन्नई का प्रदर्शन इस मामले में काफी अच्छा रहा है. चेन्नई की टीम वर्ष 2010, 2011 और वर्ष 2018 में यानी की तीन बार आईपीएल विजेता बनी है. इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम आता है मुंबई का. मुंबई इंडियन्स की टीम ने वर्ष 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की है. कुल पांच बार खिताब मुंबई के नाम रहा है,. आलोाक कुमार

लैला कबीर को भावभीनी श्रद्धांजलि

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लैला कबीर को भावभीनी श्रद्धांजलि नई दिल्ली.किसान संघर्ष समिति द्वारा यह सूचित किया जाता है कि श्रीमती लैला कबीर अब हमारे बीच नहीं रहीं. कैंसर से वे लंबे समय से पीड़ित थीं. उनकी अंत्येष्टि आज, 16 मई 2025 को सुबह 11ः30 बजे ग्रीन पार्क क्रिमेटोरियम, नई दिल्ली में संपन्न होगी.    लैला कबीर जी एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता थीं और रेड क्रॉस से लंबे समय तक जुड़ी रहीं. उन्होंने अपने अंतिम समय तक सामाजिक कार्यों में सक्रियता के साथ योगदान दिया.मेरी उनसे पहली मुलाकात तब हुई थी, जब मैं दिल्ली पी एच डी के लिए आया और वे 26-तुगलक क्रिसेंट में रहती थीं। जॉर्ज फर्नांडिस जी की पत्नी के रूप में उनसे समय-समय पर मुलाकात होती रही.     जब जॉर्ज साहब गंभीर रूप से बीमार हुए, तब लैला जी ने कई वर्षों तक उनकी अथक सेवा की.जॉर्ज फर्नांडिस जी का निधन लैला कबीर जी के  पंचशील पार्क स्थित निवास पर ही हुआ था, और जॉर्ज फर्नांडिस का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए पंचशील पार्क में रखा गया था.उल्लेखनीय है कि जॉर्ज फर्नांडिस और लैला कबीर की शादी 22 जुलाई 1971 को हुई थी.तब में रेड क्रॉस में असिस्टेंट ड...

रोमन कैथोलिक चर्च का इतिहास 103 साल पुराना

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  रोमन कैथोलिक चर्च का इतिहास 103 साल पुराना लचरागढ़ चर्च की स्थापना 1922 में की गयी थी सिमडेगा. सिमडेगा में कोलेबिरा प्रखंड के लचरागढ़ स्थित रोमन कैथोलिक चर्च का इतिहास 103 साल पुराना है. लचरागढ़ चर्च की स्थापना 1922 में की गयी थी. इसके बाद से लगातार लचरागढ़ में चर्च स्थापित कर विश्वासी विनती आराधना कर रहे हैं. लचरागढ़ चर्च के पहले पल्ली पुरोहित फादर होरनी थे. उनके कार्यकाल में चर्च का निर्माण शुरू किया गया था. बताया जाता है कि लचरागढ़ पल्ली की जमीन नारोडेगा लुगून पुरखों की देन है. लुगून पुरखों द्वारा ही लचरागढ़ पल्ली चर्च के लिए जमीन दी गयी थी. लचरागढ़ पल्ली में अब तक 24 पुरोहितों ने योगदान दिया है. कई साल बीतने के बाद लचरागढ़ को 90 के दशक में भिखारिएट बनाया गया. शुरुआती दिनों में कुटुगिया, बांकी, जीतू टोली, बरवाडीह, जलडेगा भी इस पल्ली के अंग थे. बाद में इन सभी स्थानों को बारी-बारी से पल्ली का दर्जा दिया गया. पहले पल्ली पुरोहित फादर होरनी लचरागढ़ में एक मार्च 1923 को आये थे. लचरागढ़ आते उन्होंने मिट्टी की दीवार से चर्च का निर्माण कराया. उस समय खीस्तीयों की संख्या 3945 थी. ...