संदेश

मुख्यमंत्री ने समस्त बिहार वासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं

चित्र
  पटना. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज महासप्तमी पर्व के अवसर पर श्री श्री दुर्गा पूजा महोत्सव शिव मंदिर खाजपुरा तथा श्री श्री दुर्गा आश्रम शेखपुरा के पंडाल में जाकर माँ दुर्गा का दर्शन कर पूजा अर्चना की.मुख्यमंत्री जी ने राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की.मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर समस्त बिहार वासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने खाजपुरा स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना भी की.इससे पहले माननीय मुख्यमंत्री जी ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर जाकर माँ दुर्गा की पूजा अर्चना की एवं महाआरती कार्यक्रम में शामिल हुये.   मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में 11,921 करोड़ रुपये की 20,658 योजनाओं का शिलान्यास / कार्यारंभ एवं उद्घाटन किया.इसके अंतर्गत 7,805 करोड़ रुपये की लागत से जन सुविधा एवं विकास से संबंधित 16,065 योजनाओं का शिलान्यास / कार्यारंभ तथा 4,116 करोड़ रुपये की लागत की 4,593 योजनाओं का उद्घाटन कार्य शामिल है. आज के कार्यक्रम के अंतर्गत भवन निर्माण विभाग एवं बिहार ...

भारत का लोकतंत्र अपनी विविधता और बहुलता पर गर्व

चित्र
  *धर्मांतरण-विरोधी कानून और लोकतंत्र की चुनौती * धर्म की स्वतंत्रता पर पहरा, लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है मैंगलोर,( आलोक कुमार ).भारत का लोकतंत्र अपनी विविधता और बहुलता पर गर्व करता है. परंतु विडंबना यह है कि जिन मूल्यों पर यह लोकतंत्र खड़ा है, उन्हीं को आज धर्मांतरण-विरोधी कानूनों के नाम पर चोट पहुंचाई जा रही है.वर्तमान में 12 राज्यों में लागू ये कानून सिर्फ़ कानूनी प्रावधान नहीं हैं, बल्कि भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त आस्था, विवेक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला हैं. धर्म की स्वतंत्रता पर पहरा, लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है ऑल इंडिया काथलिक यूनियन (एआईसीयू) की आम सभा ने इन कानूनों को "भारतीय लोकतंत्र पर घाव" करार दिया है. यह संगठन 106 वर्षों की विरासत के साथ देशभर के काथलिकों की सबसे बड़ी आवाज़ है. मैंगलोर में आयोजित बैठक में स्पष्ट कहा गया कि ये कानून न केवल स्वतंत्रता को सीमित करते हैं बल्कि धार्मिक अल्पसंख्यकों — विशेषकर ईसाई, मुस्लिम, दलित और आदिवासी समुदायों — को अपराधी ठहराने का औजार बन गए हैं. आस्था का चुनाव अदालत का नहीं, अंतरात्मा का विषय है ध्यान देने यो...

डॉ. एस. एन. सुब्बा राव (भाई जी)

चित्र
  डॉ. एस. एन. सुब्बा राव (भाई जी) पटना.एक युगद्रष्टा समाजसेवी और युवा प्रेरक भारतीय समाज ने अनेक संत, समाज सुधारक और राष्ट्रसेवक देखे हैं, लेकिन डॉ. एस. एन. सुब्बा राव, जिन्हें देश “भाई जी” के नाम से जानता है, उनमें से सबसे विलक्षण रहे.उनका जीवन सेवा, साहस और समर्पण का जीवंत उदाहरण है. 7 फरवरी 1929 को कर्नाटक के सेलम (बैंगलोर के निकट) में जन्मे भाई जी आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी 96वीं जयंती हमें उनके कार्यों और विचारों को पुनः याद करने का अवसर देती है. चंबल के डाकुओं को अहिंसा के मार्ग पर सत्तर का दशक. चंबल घाटी डाकुओं के आतंक से कांप रही थी. खून-खराबा, लूटपाट और भय उस इलाके की पहचान बन चुके थे. ऐसे समय में भाई जी ने गांधीवादी तरीके से संवाद, धैर्य और मानवता का सहारा लिया. उन्होंने डाकुओं को न केवल आत्मसमर्पण के लिए तैयार किया, बल्कि उन्हें खेती-किसानी, कुटीर उद्योग और अहिंसक जीवन का प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा में वापस लाए. चंबल का इतिहास इस तथ्य का साक्षी है कि एक व्यक्ति की करुणा और दृढ़ता समाज की दिशा बदल सकती है. युवाओं के लिए “भाई जी” भाई जी का विश्वास था कि राष्ट्र...

61 योजनाओं का शिलान्यास किया

चित्र
 दरभंगा. मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी ने आज दरभंगा में मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान, दरभंगा के परिसर में आयोजित कार्यक्रम स्थल से 3463.2 करोड़ रुपये लागत की कुल 97 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया. इसमें 96.47 करोड़ रुपये की लागत से कुल 36 विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन एवं 3366.73 करोड़ रुपये की लागत की 61 योजनाओं का शिलान्यास किया गया.             इन योजनाओं से जिले में विकास कार्यों को नई गति एवं दिशा मिलेगी, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार होगा एवं उन्हें इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा. इसके पश्चात् माननीय मुख्यमंत्री जी ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान, दरभंगा के परिसर में ही आयोजित संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित पेंशनधारी लाभुकों, जीविका दीदियों, आंगनबाड़ी सेविका / सहायिका सहित अन्य लाभुकों के साथ संवाद किया.        इसके पश्चात् माननीय मुख्यमंत्री जी ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन एवं शोध संस्थान के निर्माण कार्य का भूमि-पूजन किया. उन्होंने मिथिला...

उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने किया युक्तधारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

चित्र
 जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बेतिया द्वारा युक्तधारा पोर्टल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने किया युक्तधारा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बेतिया. इस समय देश और प्रदेश में युक्तधारा पोर्टल के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है.इस पोर्टल को केंद्र सरकार ने विकसित किया है और इसका उद्देश्य ग्रामीण विकास के कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करना और कृषि विकास में सहायक होता है.पश्चिमी चंपारण के बेतिया मुख्यालय में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण बेतिया द्वारा युक्तधारा पोर्टल पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का उप विकास आयुक्त सुमित कुमार ने शुभारंभ किया था.     मनरेगा योजना अंतर्गत युक्तधारा पोर्टल के विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उप विकास आयुक्त बेतिया, श्री सुमित कुमार (भा०प्र०से०) द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई. महात्मा गांधी मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायतों में योजनाओं का चयन GIS (जीआईएस) के आधार पर ‘युक्तधारा‘ पोर्टल के माध्यम से किया जाता है. उप विकास आयुक्त द्वारा बताया गया कि पंचायत स्तर पर मनरेग...

Chingari Prime News : पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्य...

Chingari Prime News : पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्य... :  पुलिस तकनीकी जांच के माध्यम से संबंधित नंबर और व्यक्ति की पहचान करने में जुटी। पटना . पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन ने एक गंभीर मामले पर कार्... <https://chingariprimenews.blogspot.com/<AdSense >

"रोड नहीं तो वोट नहीं" आंदोलन को. 8 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ

चित्र
 "रोड नहीं तो वोट नहीं"—गाँव की चीख़ दरभंगा .आज़ादी के 78 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन देश के कई हिस्सों में अब भी विकास केवल भाषण और घोषणाओं तक सीमित है.दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड के सुघराईन पंचायत की स्थिति इसका ज्वलंत उदाहरण है.यहाँ के लोग आज भी बारहमासी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं.          हर साल बाढ़ और बारिश के दिनों में कच्ची सड़कें कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती हैं.गांव के रास्ते जलमग्न होकर पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाते हैं.परिणामस्वरूप, बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती-बाड़ी, रोज़मर्रा की ज़रूरतें और सबसे महत्वपूर्ण—मरीजों को अस्पताल तक ले जाना—सब ठप पड़ जाता है. विकास के कारणों और योजनाओं की चमक-दमक इन ग्रामीणों के लिए केवल एक छलावा साबित हुई है.          इसी पीड़ा ने जन्म दिया "रोड नहीं तो वोट नहीं" आंदोलन को. 8 नवम्बर 2024 से शुरू हुआ यह आंदोलन अब गाँव की सामूहिक प्रतिज्ञा बन चुका है.पंचायत वासियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक आने वाले विधानसभा चुनाव 2025 में वोट का बहिष्का...