Bihar : शिक्षक दिवस पर सवाल: सरकारी स्कूलों में शिक्षक और संसाधनों की जंग कब खत्म होगी
शिक्षक दिवस पर सवाल: सरकारी स्कूलों में शिक्षक और संसाधनों की जंग कब खत्म होगी? पटना। हर साल 5 सितंबर को देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक समाज के प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है। स्कूलों में कार्यक्रम होते हैं, विद्यार्थी अपने शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हैं और शिक्षक के महत्व पर भाषण दिए जाते हैं। लेकिन इस सम्मान के बीच एक बड़ा सवाल अक्सर पीछे छूट जाता है— क्या हमारे सरकारी स्कूल शिक्षकों को वह वातावरण और संसाधन उपलब्ध करा रहे हैं, जिनके सहारे वे बच्चों का भविष्य बेहतर बना सकें? शिक्षक केवल किताब पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता। वह बच्चे के ज्ञान, सोच, अनुशासन, आत्मविश्वास और भविष्य की नींव तैयार करता है। लेकिन जब उसी शिक्षक के सामने बड़ी कक्षाएं, संसाधनों की कमी, प्रशासनिक जिम्मेदारियां और अलग-अलग स्तर के विद्यार्थियों को एक साथ पढ़ाने की चुनौती हो, तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य मुश्किल हो जाता है। शिक्षक हैं, लेकिन पढ़ाने के लिए पर्याप्त समय कितना? सरकारी विद्यालयों में शिक्षक की जिम्मेदारी केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित...