आमदनी अठन्नी और खर्च रूपया होने से बचत करने की कोई संभावना नहीं
आमदनी अठन्नी और खर्च रूपया होने से बचत करने की कोई संभावना नहीं आमदनी से ज़्यादा खर्च होने से आर्थिक परेशानी हो रही है कर्ज लेकर जीवन व्यापन करने को मजबूर हैं ईपीएस 95 पेंशनर पटना. "आमदनी अठन्नी और खर्च रूपया" एक हिंदी मुहावरा है.यह मुहावरा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन पर सटिक बैठता है.उसने 19 नवंबर 1995 को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस 95) को लागू किया.ईपीएस 95 के तहत बहुत ही कम पेंशन देकर सामाजिक सुरक्षा करना शुरू किया.इस सामाजिक सुरक्षा योजना को 9 वर्षों के बाद मोदी सरकार ने 2014 में न्यूनतम पेंशन एक हजार रूपए कर दी.जो 2014 से 2025 मई माह तक न्यूनतम पेंशन एक हजार रूपए ब्रह्म लकीर साबित हो रही है. "आमदनी अठन्नी और खर्चा रूपया" — यह मुहावरा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और इसकी पेंशन योजना पर बिल्कुल सटीक बैठता है। EPFO ने 19 नवंबर 1995 को कर्...