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नन और युवक पर हमला, पुलिस की लापरवाही उजागर

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  छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्टेशन पर मॉब लिंचिंग: नन और युवक पर हमला, पुलिस की लापरवाही उजागर राज्य में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मॉब लिंचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल से जुड़े लोगों ने दो ननों और एक युवक को धर्मांतरण के आरोप में घेरकर पीटा, धमकाया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने पीड़ितों पर जबरन धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए मारपीट की और उन्हें "धर्मांतरण का चादर" पहनाकर जुलूस की तरह घुमाया। मौके पर मौजूद पुलिस ने हिंसा रोकने में सुस्ती दिखाई और उल्टे पीड़ितों के बैग की तलाशी लेने लगी। पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में पीड़ितों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मॉब लिंचिंग करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनका बयान दर्ज कर खानापूर्ति की। यहां तक कि कथित "धर्मांतरण" का आरोप लगाकर पीड़ितों को ही जेल भेज दिया गया, जबकि हमलावरों पर स्वतः संज्ञान लेने की कोई कोशिश नहीं की गई। विशेषज्ञों की राय कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मॉब लिंचिंग एक गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा होनी चाहिए...

दिशोम गुरू नहीं रहे

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  दिशोम गुरू नहीं रहे झारखंड. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक 'दिशोम गुरुजी' शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया. वे लंबे समय से बीमार थे और वेंटिलेटर पर थे.उन्हें हार्ट, किडनी सहित कई बीमारियां थीं. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का सोमवार को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल निधन हो गया. उन्होंने 81 वर्ष की आयु में आखिरी सांस ली. शिबू सोरेन ने झारखंड राज्य की मांग को लेकर चलाए गए आंदोलन में भी भाग लिया. वह तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे. वर्तमान में शिबू सोरेन राज्यसभा के सदस्य थे. शिबू सोरेन का जन्म 11 मई 1944 को झारखंड के हजारीबाग जिले के निमरा गांव में हुआ था. उन्होंने हजारीबाग के गोला हाईस्कूल से शिक्षा हासिल की. वह मैट्रिक पास थे और पेशे से किसान थे. उन्होंने झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक गलियारों में एक अलग पहचान बनाई. इसीलिए लोग उन्हें दिशोम गुरू के नाम से भी जानते थे. झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन एक वरिष्ठ और विशिष्ठ आदिवासी नेता थे. उनके प्रशंसक उन्ह...

प्रीति को गरीबों की मदद करने का जुनून था

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छतीसगढ़ में सिस्टरों की जमानत पर रिहाई के बाद छत्तीसगढ़. छत्तीसगढ़ में 'जबरन धर्मांतरण' और 'मानव तस्करी' के आरोप में गिरफ्तार दो ननों, प्रीति मेरी और वंदना फ्रांसिस को शनिवार को एनआईए कोर्ट ने जमानत दे दी. दोनों नन असिसी सिस्टर्स ऑफ मैरी इमैकुलेट (एएसएमआई) कॉन्ग्रेगेशन से हैं, जिसका मुख्यालय केरल के अलप्पुझा जिले के चेरथला में है. आइये इनके बारे में कुछ जानकारियां उपलब्ध हैं उससे इनके काम तथा जीवन के बारे में कुछ जानते हैं. प्रीति मैरी केरल के एर्नाकुलम जिले के एलावूर से हैं. प्रीति मेरी ने कम उम्र में ही नन बनने का फैसला किया था. अपने सात भाई-बहनों के परिवार में सबसे बड़ी प्रीति ने 20 साल की उम्र में ही नन बनने का निर्णय लिया था. उनके भाई एम. बैजू ने कहा कि प्रीति को गरीबों की मदद करने का जुनून था. "वह जब भी घर आती थीं, छत्तीसगढ़ के गरीबों के लिये भोजन, कपड़े और दवाइयाँ पैक कर ले जाती थीं," बैजू ने कहा. एक प्रशिक्षित नर्स होने के नाते, प्रीति प्रार्थना और उपचार को समान रूप से महत्व देती थीं. वहीं, 56 वर्षीय वंदना फ्रांसिस केरल के कन्नूर जिले के उदयगिरी गाँव की...

शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश

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 दुर्ग रेलवे स्टेशन विवाद पर नन और आदिवासी युवतियों की गिरफ्तारी से लेकर जमानत तक घटनाक्रम.एनआईए कोर्ट ने दी जमानत, पहले दो बार खारिज हुई थी अर्जी...... दुर्ग . दुर्ग रेलवे स्टेशन पर मिशनरी ननों और तीन आदिवासी युवतियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एनआईए कोर्ट के जमानत आदेश के बाद ठंडा पड़ता नजर आ रहा है.सिस्टर प्रीति मेरी, सिस्टर वंदना फ्रांसिस और ब्रदर सुकमन मंडावी को एनआईए कोर्ट ने जमानत दे दी है.इससे पहले उनकी जमानत अर्जी निचली अदालत और सत्र न्यायालय दोनों में खारिज हो चुकी थी. घटना चक्र: 26 जुलाई 2025: दुर्ग रेलवे स्टेशन पर विवाद. नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी युवतियां (कमलेश्वरी प्रधान, ललिता और सुखमती) ननों के साथ आगरा नौकरी के लिए जा रही थीं.टीटीई द्वारा टिकट जांच के बाद बजरंग दल को सूचना दी गई. बजरंग दल नेता ज्योति शर्मा ने मौके पर पहुंचकर आरोप लगाया कि नन नौकरी का लालच देकर युवतियों को धर्मांतरण के लिए ले जा रही हैं.पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों ननों और युवक सुखमन मंडावी को हिरासत में लिया. 27 जुलाई 2025: पुलिस ने छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अनैतिक व्यापार (रोकथा...

सुविधाजनक आवागमन और सुगम जल निकासी में समस्या को लेकर नगर निगम बोर्ड ने किया है पारित

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  नगर निगम के 17 वार्डों में 2.17 करोड़ से लिंक रोड व नालों का होगा निर्माण: गरिमा महापौर ने योजनाओं का कार्यादेश बांटते हुए संवेदकों एवं अभियंता से कहा निर्माण में गुणवत्ता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता सुविधाजनक आवागमन और सुगम जल निकासी में समस्या को लेकर नगर निगम बोर्ड ने  किया है पारित बेतिया. महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में नगर निगम के 17 वार्डों में कुल 2.17 करोड़ की लागत वाली योजनाओं कार्यादेश का वितरण किया.विभिन्न वार्डों में लिंक रोड व नालों का निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया.इस मौके पर उन्होंने बताया कि इन सभी योजनाओं को पूरा करने में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश उनके द्वारा दिया गया है.               महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि संबंधित वार्डों के उक्त मोहल्लों में सुविधाजनक आवागमन और सुगम जल निकासी में समस्या को लेकर नगर निगम बोर्ड ने  संबंधित योजनाओं को पारित होने के आधार पर कार्यादेश बांटा गया है.महापौर ने बताया कि इनमें वार्ड नं.1...

बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस लीगल सेल

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 "न्याय संकल्प शिविर" का भव्य आयोजन पटना. बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस लीगल सेल द्वारा आज "न्याय संकल्प शिविर" का भव्य आयोजन पटना स्थित राजीव गांधी सभागार, सदाकत आश्रम में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.कार्यक्रम की अध्यक्षता लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष श्री विकास कुमार झा ने की.मंच पर विशिष्ट उपस्थिति रही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बिहार प्रभारी श्री कृष्णा अल्लावरू जी एवं भारतीय युवा कांग्रेस लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रूपेश सिंह भदौरिया जी की.      कार्यक्रम का संचालन सह-अध्यक्ष अधिवक्ता नंद कुमार सागर ने किया जिन्होंने अधिवक्ताओं को चुनाव में आदर्श आचार संहिता, कागजी प्रक्रिया और उम्मीदवारों को विधिक सहायता देने के लिए प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.उन्होंने कहा कि यह अधिवक्ता अब केवल कानूनी मदद तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि चुनावी अनियमितताओं और प्रशासनिक हस्तक्षेप की निगरानी भी जिम्मेदारीपूर्वक करेंगे.     श्री अंबुज दीक्षित (बिहार प्रभारी, IYC लीगल सेल) एवं चितवन गोदारा ने अधिवक्ताओं को चुनावी कानून, शिकायत निवारण प्रक्रिया और राज्य...

पीयूसीएल प्रशासन से मांग करता है कि ननो को अविलम्ब रिहा करे एवं दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करें

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  दुर्ग . छतीसगढ़ में दुर्ग है.पिछले दिनों 25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन में यात्रा की तैयारी कर रहे 2 नन एवं उनके साथ के बालिग युवतियों को एवं स्टेशन छोड़ने आए एक व्यक्ति को कानून-पुलिसेत्तर (कानून व पुलिस से ऊपर सर्वोच्च निकाय के रूप में कार्य कर रहे संविधान विरोधी) तत्वों/गिरोह द्वारा जबरन हंगामा कर-धार्मिक अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के खिलाफ नफरत-हिंसा फैलाने में माहिर संगठनों द्वारा प्रताड़ित कर झूठा आरोप गढ़ा गया और एफआईआर कर 2 ननों को जेल में डाल दिया गया. मानव तस्करी तब माना जाता है, जब किसी अपराधी गिरोह द्वारा किसी को शारीरिक शोषण (श्रम व अन्य प्रकार से ) खरीदी -बिक्री किया जाता है.            लेकिन शिक्षा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जाने वाले ईसाई संस्थाओं के नन द्वारा बालिग लड़कियों को ईसाई संस्थानिक जगह पर खाना बनाने के लिए उचित परिश्रमिक पर जा रहे थे.  इन लड़कियों को सही जगह ले जाने एवं स्टेशन छोड़ने आए व्यक्ति व नन पर जबरन मानव तस्करी का आरोप लगाना एवं धर्मांतरण का आरोप लगाना, इन गिरोहों का आम काम है. इससे ये राजनैतिक लाभ ले...