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विनोबा भावे की जयंती और आज का यथार्थ

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 विनोबा भावे की जयंती और आज का यथार्थ पटना. आज 11 सितंबर है.भूदान आंदोलन के प्रणेता संत विनोबा भावे की 130वीं जयंती.कभी जिनके नाम पर पूरा देश सामाजिक क्रांति का सपना देखता था, आज उन्हीं की जयंती सरकारी उदासीनता और संस्थागत अभाव के बीच लगभग औपचारिकता भर रह गई है.     कल तक गैर-सरकारी संस्थाएं विनोबा जी की जयंती को जन उत्सव का रूप देती थीं. पर आज, विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) की कठोर शर्तों और धनाभाव के चलते वे संस्थाएँ पंगु होकर रह गई हैं. 2014 के बाद केंद्र सरकार ने इस कानून को सख्ती से लागू किया, जिससे NGOs की गतिविधियां लगभग ठप हो गई. विदेशी अनुदान पर पाबंदियों ने सामाजिक सरोकार के क्षेत्र को सिकोड़कर रख दिया.      बावजूद इसके, बिहार स्टेट गांधी स्मारक निधि ने पटना में विनोबा जयंती का आयोजन कर परंपरा को जीवित रखने का प्रयास किया.प्रभाकर कुमार की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में माखन लाल दास, डॉ. मोख्तारूल हक़, अरुण प्रसाद, शिबबालक प्रसाद, उमेश मंडल सहित अनेक खादी-ग्रामोद्योग व स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.     सभा में...

भारत की महिला हॉकी टीम ने कोरिया को 4-2 से हरा दिया

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 महिला एशिया कप हॉकी में भारत की जीत कोरिया पर चीन.भारत की महिला हॉकी टीम ने कोरिया को 4-2 से हरा दिया. इस मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच संगीता कुमारी को चुना गया, जिन्होंने भारत के लिए एक स्कोर हासिल किया. संगीता के अलावा वैष्णवी फाल्के, लालरेम्सियामी और रुतुजा पिसल ने भी 1-1 गोल किया. भारतीय टीम इस एशिया कप में बिना कोई मैच हारे आगे बढ़ रही है.      महिला एशिया कप 2025 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने बुधवार को अपने पहले सुपर-4 मैच में रिपब्लिक ऑफ कोरिया को 4-2 से हराकर जीत की शुरुआत की.पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के हांगझोऊ में गोंगशु कैनाल स्पोर्ट्स पार्क हॉकी फील्ड में खेले गए मुकाबले में भारत की ओर से वैष्णवी विट्ठल फाल्के (दूसरे मिनट में), संगीता कुमारी (33वें मिनट में) लालरेम्सियामी (40वें, मिनट) और रुतुजा दादासो पिसाल (59वें मिनट में) ने गोल किए.दक्षिण कोरिया के लिए युजिन किम (33वें और 53वें मिनट में) ने दो गोल किए.     मौसम की खराबी के कारण देर से शुरू हुए मुकाबले में एक बार फिर टीम इंडिया ने अपना परचम लहराया.शुरुआती बढ़त को बरकरार रखते हुए जीत हासिल की.पह...

पोप लियो 14वें के सामने सबसे बड़ी चुनौती

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दुनिया के सबसे छोटे देश वेटिकन के सामने बजट की बड़ी समस्या वाटिकन . दुनिया के सबसे छोटे देश वेटिकन के सामने बजट की बड़ी समस्या है. वेटिकन अपने निवासियों पर टैक्स नहीं लगाता है या बांड जारी नहीं करता है. रोमन कैथोलिक चर्च की केंद्रीय सरकार मुख्य रूप से दान से चलती है, जिसमें लगातार गिरावट हो रही है.इसके अलावा वेटिकन संग्रहालयों के लिए टिकट बिक्री, निवेश से होने वाली आय और रियल एस्टेट से कुछ आमदनी हो जाती है.      रोमन कैथोलिक चर्च और वेटिकन सिटी की केंद्रीय प्रशासनिक संस्था 'होली सी' के मुताबिक 2021 में उसकी आमदनी 87.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर थी. हालांकि खर्च इससे ज्यादा था. पोप लियो 14वें के सामने सबसे बड़ी चुनौती वेटिकन को घाटे से बाहर निकालने की है.कोई भी वेटिकन को पैसे दान कर सकता है, लेकिन नियमित स्रोत दो मुख्य रूपों में आते हैं. कैनन कानून के अनुसार दुनिया भर के बिशपों को वार्षिक शुल्क का भुगतान करना पड़ता है. वेटिकन के आंकड़ों के अनुसार सालाना एकत्र किए गए 2.2 करोड़ डॉलर में एक तिहाई से अधिक का योगदान अमेरिकी बिशपों ने दिया.     वार्षिक दान का दूसरा मुख्य स्रोत...

धन्य कुँवारी मरियम के जन्मोत्सव

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  माता मरियम का जन्मोत्सव: विश्वास, भक्ति और आनंद का पर्व मरियम का जन्म: मुक्ति की शुरुआत बेतिया.आज 8 सितंबर है—वह दिन जब कैथोलिक कलीसिया धन्य कुँवारी मरियम के जन्मोत्सव को पूरे आदर और श्रद्धा के साथ मनाती है. यह दिन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास और आस्था का जीवंत प्रतीक है. इसे “Nativity of Mary” अथवा मरियम का अवतरण दिवस भी कहा जाता है.यह अवसर हमें यह याद दिलाता है कि मुक्ति की योजना में माता मरियम की भूमिका कितनी अद्वितीय और अपरिहार्य है. बेतिया: आस्था का आध्यात्मिक केंद्र पश्चिमी चंपारण का मुख्यालय बेतिया ईसाई समाज का एक सशक्त गढ़ माना जाता है.यहां स्थित नैटिविटी ऑफ द ब्लेस्ड वर्जिन मेरी चर्च इस पर्व का केंद्र है. दूर-दराज़, यहाँ तक कि विदेशों में बस चुके विश्वासी भी इस चर्च से भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं.इस दिन पल्ली दिवस के रूप में विशेष समारोह आयोजित होता है. बच्चों का प्रथम परमप्रसाद  मासूमियत और विश्वास का संगम इस पर्व की विशेषता है बच्चों का प्रथम परम प्रसाद ग्रहण करना.छोटे-छोटे बच्चे सफेद वस्त्र धारण कर altar तक आते हैं. बिशप या पुरोहित उन्हें ख्रीस्त ...

धन्य कार्लो एक्यूटिस को संत घोषित

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  नई दिल्ली.ईश्वर की अद्भुत लीला है जब 15 वर्षीय भाई ने संत घोषणा में पढ़ा पहला पाठ. वेटिकन सिटी का सेंट पीटर स्क्वायर हमेशा से ईसाई धर्म की आस्था और आध्यात्मिकता का ध्रुव रहा है.वही चौक, जो सदियों से संत घोषणाओं, पापाओं के आशीर्वाद और विश्व-भर से आए श्रद्धालुओं की प्रार्थनाओं का साक्षी है, 2025 की इस ऐतिहासिक घड़ी में एक और भावुक अध्याय का हिस्सा बना.      धन्य कार्लो एक्यूटिस को संत घोषित करने की इस विशेष रस्म में जब उनके छोटे भाई मिशेल एक्यूटिस ने सुसमाचार का पहला पाठ पढ़ा, तो मानो पूरा माहौल ईश्वरीय करुणा से भर उठा. यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं था, बल्कि समय, जीवन और मृत्यु को जोड़ने वाली ईश्वर की गहनतम योजना का प्रत्यक्ष दर्शन था. एक भाई, जिससे कभी मुलाकात नहीं हुई कार्लो एक्यूटिस का जन्म 1991 में हुआ और उन्होंने 2006 में मात्र 15 वर्ष की आयु में सांसारिक जीवन त्याग दिया.मृत्यु के मात्र चार वर्ष बाद, 2010 में उनके छोटे भाई-बहन मिशेल और फ्रांसेस्का का जन्म हुआ.विडंबना यह रही कि मिशेल ने अपने बड़े भाई को कभी देखा तक नहीं, लेकिन नियति ने उसे ऐसा अवसर दिया, जिसस...

सीपीआई (एमएल) लिबरेशन का चुनावी संदेश

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 सीपीआई (एमएल) लिबरेशन का चुनावी संदेश नई दिल्ली .बिहार से अखिल भारतीय राजनीति तकसीपीआई (एमएल) लिबरेशन महासचिव कॉ. दीपंकर भट्टाचार्य ने शनिवार, 6 सितंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित पार्टी संसदीय कार्यालय, 25 मीनाबाग में लोकतांत्रिक वाम बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं से बिहार चुनाव की दिशा पर संवाद किया.       इस विचार-विमर्श में कई महत्वपूर्ण बिंदु उभरे—एसआईआर विरोधी आंदोलन की रिपोर्ट और उससे जुड़े जनप्रतिरोध का साझा आकलन.आगामी चुनाव में प्रमुख मुद्दों का परखना.बिहार चुनाव के दीर्घकालिक और अखिल भारतीय महत्व पर विमर्श.इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे, सामाजिक–राजनीतिक ध्रुवीकरण और रणनीतिक सहयोग पर सलाह-मशविरा.दीपंकर भट्टाचार्य ने साफ संकेत दिया कि इंडिया गठबंधन में सीटों का बंटवारा एनडीए की तुलना में कहीं अधिक सहज और सहयोगपूर्ण तरीके से संभव होगा.       माले इस बार पिछली 19 सीटों के मुकाबले लगभग 30 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है.राजनीतिक विश्लेषण यह कह रहा है कि इस बार फ्लोटिंग वोटरों की संख्या भले कम हो, लेकिन निर्णायक होगी. अधिकांश बड़े सामाजिक सम...

डा0 राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण

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 पटना .आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में पूर्व राष्ट्रपति डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 137वीं जयंती शिक्षक दिवस के रूप में मनाई गई .कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस  कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम   ने की. इस अवसर पर डा0 राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए प्रदेश कांग्रेस  कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम   ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन केवल एक विद्वान ही नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाले ,महापुरुष थे.उन्होंने अपने जीवन को शिक्षा, दर्शन और मानवता के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया. भारत में शिक्षक दिवस मनाना, उनके योगदान और आदर्शों के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक है.        श्री राम ने कहा कि आज की पीढ़ी को डॉ. राधाकृष्णन के विचारों से प्रेरणा लेकर ज्ञान, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति के पथ पर चलना चाहिए। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम न होकर, समाज को संस्कारित और राष्ट्र को सश क्त बनाने का आधार होना चाहिए – यही डॉ. राधाकृष्णन का संदेश था.      इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध...