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धन्य माता एलिस्वा वाकायिल: भारतीय नारी शक्ति और समर्पण का अमर प्रतीक

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  धन्य माता एलिस्वा वाकायिल: भारतीय नारी शक्ति और समर्पण का अमर प्रतीक कोच्चि.कोच्चि के वल्लारपदम महागिरजाघर में आयोजित ऐतिहासिक समारोह में जब  पोप लियो XIV के विशेष प्रतिनिधि और मलेशिया के पेनांग के बिशप कार्डिनल सेबेस्टियन फ्रांसिस ने आधिकारिक तौर पर मदर एलिस्वा को धन्य घोषित किया. कार्डिनल ने पोप द्वारा जारी घोषणा पत्र लैटिन भाषा में पढ़ा. वेरापोली आर्चडायसिस के मेट्रोपॉलिटन जोसेफ कलाथिपरम्बिल ने अपने प्रार्थना-प्रार्थना में कहा, "मदर एलिस्वा का पवित्र, साहसी और अटूट विश्वास और प्रेम का जीवन अनेक लोगों के लिए प्रेरणादायक रहेगा.               पेनांग के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल सेबेस्टियन फ्रांसिस ने ईशसेविका मदर एलिस्वा वाकायिल को “धन्य” घोषित किया, तो यह केवल कैथोलिक समुदाय के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के समग्र सामाजिक-शैक्षिक इतिहास के लिए भी एक गौरवपूर्ण क्षण बन गया। 1831 में जन्मी और 1913 में देह त्यागने वाली मदर एलिस्वा का जीवन सेवा, त्याग और महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत मिसाल है।                मदर ...

भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब नए और दृढ़ खिलाड़ियों के हाथों में

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 ध्रुव जुरेल — भारतीय क्रिकेट का नया भरोसा पटना.भारत ‘ए’ और दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के बीच जारी अनौपचारिक टेस्ट ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को मिश्रित भावनाओं का अनुभव कराया. जहां एक ओर ध्रुव जुरेल के बल्ले से लगातार दो शतक निकलने ने उम्मीदों को नई उड़ान दी, वहीं अभिमन्यु ईश्वरन का दोनों पारियों में शून्य पर आउट होना निराशाजनक रहा. मगर इस मुकाबले ने एक बात साफ कर दी — भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब नए और दृढ़ खिलाड़ियों के हाथों में है, और उस सूची में सबसे ऊपर नाम है ध्रुव जुरेल का.   ध्रुव जुरेल का यह प्रदर्शन किसी संयोग का परिणाम नहीं है.यह एक युवा क्रिकेटर के धैर्य, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रमाण है.उन्होंने पहली पारी में नाबाद 132 रन और दूसरी पारी में नाबाद 127 रन बनाकर न सिर्फ मैच को भारत ‘ए’ के पक्ष में मोड़ा, बल्कि यह भी साबित किया कि वह लंबे प्रारूप के लिए बने हैं. नमन ओझा के बाद वह भारत ‘ए’ के लिए दोनों पारियों में शतक जमाने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बने हैं — यह उपलब्धि अपने आप में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है.     साल 2001 में आगरा में जन्मे इस युवा विकेटक...
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इतिहास का वह स्वर्ण क्षण

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  पटना.वर्ष 2025 भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों से दर्ज होने जा रहा है. यह वह वर्ष है जब भारत का राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” अपनी 150वीं वर्षगांठ मना रहा है — एक ऐसा गीत जिसने न केवल भारत की स्वतंत्रता की ललकार दी, बल्कि देशभक्ति की भावना को भी अमर बना दिया.बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित यह गीत आज भी भारत की आत्मा में उसी तीव्रता से गूंजता है, जैसे आजादी के रण में गूंजा था. इतिहास का वह स्वर्ण क्षण अक्षय नवमी, 7 नवंबर 1875 — बंगाल के साहित्यिक आकाश पर यह दिन सदा-सदा के लिए अमर हो गया. इसी दिन बंकिम चंद्र चटर्जी ने “वंदे मातरम” की रचना की. यह गीत पहली बार उनकी साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में प्रकाशित हुआ और बाद में उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ का हिस्सा बना.इस उपन्यास के माध्यम से बंकिम चंद्र ने भारत माता की आराधना को राष्ट्रवाद की भावना से जोड़ा, जिससे यह गीत मात्र शब्द न रहकर क्रांति का प्रतीक बन गया. “वंदे मातरम” शब्दों का शाब्दिक अर्थ है — “मैं मातृभूमि को नमन करता हूँ”. संस्कृत का “वंदे” यानी नमन करना और “मातरम” यानी माता.यह मातृभूमि के प्रति भक्ति, सम्मान और समर्पण ...

पहले फेज में कुल 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई

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 पटना.बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में कुल 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को वोट डाले गए. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले फेज में कुल 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई. पहले चरण में 121 सीटों पर 64.66 फीसदी मतदान दर्ज किया गया.        राजधानी पटना (14 सीटें), भोजपुर (7 सीटें), बक्सर (4 सीटें) , गोपालगंज (6 सीटें) ,सिवान (8 सीटें) ,सारण (10 सीटें) ,मुजफ्फरपुर (11 सीटें) ,वैशाली (8 सीटें) ,दरभंगा (10 सीटें) ,समस्तीपुर (10 सीटें) ,मधेपुरा (4 सीटें) ,सहरसा (4 सीटें) ,खगड़िया (4 सीटें) ,बेगूसराय (7 सीटें) ,मुंगेर (3 सीटें) ,लखीसराय (2 सीटें) ,शेखपुरा (2 सीटें) और नालंदा (7 सीटें) पर शांतिपूर्ण मतदान हुआ.   यहां के विधानभा में चुनाव आलमनगर, बिहारीगंज, सिंघेश्वर, मधेपुरा, सोनबरसा, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, महिशी, कुशेश्वर स्थान, गौड़ाबौराम, बेनीपुर, अलीनगर, दरभंगा ग्रामीण, दरभंगा, हायाघाट, बहादुरपुर, केवटी, जाले, गायघाट , औराई, मीनापुर, बोचहां, सकरा, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर, कांटी, बरुराज, पारू, साहेबगंज, बैकुंठपुर, बरौली, गोपालगंज, कुचायकोट, भो...

पश्चिम चम्पारण जिले के प्रत्येक मतदाता 11 नवंबर को अपने मताधिकार का प्रयोग करे : जिला निर्वाचन पदाधिकारी

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 शत-प्रतिशत मतदान के लक्ष्य को लेकर पश्चिम चम्पारण में जागरूकता की नई लहर.जिला निर्वाचन पदाधिकारी के दिशा-निर्देश में लगातार आयोजित किए जा रहे हैं मतदाता जागरूकता कार्यक्रम.महिला और युवा मतदाताओं पर दिया जा रहा है विशेष ध्यान...... बेतिया.बिहार विधान सभा आम निर्वाचन-2025 के अवसर पर पश्चिम चम्पारण जिला प्रशासन द्वारा शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मतदाता जागरूकता अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है.इसके तहत स्वीप कोषांग द्वारा जिला मुख्यालय से लेकर पंचायत एवं ग्राम स्तर तक निरंतर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.        नोडल पदाधिकारी, जिला स्वीप कोषांग, श्रीमती नगमा तबस्सुम ने बताया कि ये सभी गतिविधियाँ जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी, श्री धर्मेन्द्र कुमार के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में संचालित की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि स्वीप अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों के सहयोग से रैलियाँ, जागरूकता मार्च, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता, वॉल पेंटिंग, साइकिल रैली, और हस्ताक्षर अभ...