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पूर्व मुख्यमंत्री स्व. केदार पांडेय की 112 वीं जयंती

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 *बिहार में शैक्षणिक और प्रशासनिक सुधारों के जनक थे पूर्व मुख्यमंत्री स्व. केदार पांडेय: राजेश राम पटना.बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. केदार पांडेय की 112 वीं जयंती प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में उनके तैल चित्र पर पुष्पांजलि करके मनाई गई.      इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. केदार पांडेय को कांग्रेस के आम कार्यकर्ता से प्रदेश अध्यक्ष तक के सफर को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बताया.उन्होंने कहा कि प्रखंड कमेटी से प्रदेश अध्यक्ष और फिर बिहार के मुख्यमंत्री पद तक जाने वाले स्व. पांडेय कांग्रेस के निष्ठावान नेता रहें. स्व. केदार पांडेय को कार्यकर्ताओं के हितों की रक्षा करने वाला सच्चा सिपाही बताया.उन्होंने शैक्षणिक सुधारों को लेकर कहा कि परीक्षा में नकल रोकने से लेकर शिक्षकों को उचित मानदेय देने का काम पूर्व मुख्यमंत्री स्व. केदार पांडेय ने किया.इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्व. केदार पांडेय की पुत्रवधू कांग्रेस नेता नूतन पांडेय और उनके पौत्र शाश्वत केदार पांडेय भी  मौ...

इच्छुक अभ्यर्थियों का एनसीएस पोर्टल पर निबंधन कराना अनिवार्य है

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  11 दिसंबर को जिला नियोजनालय के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन बेतिया .जिला नियोजनालय के नंबर 06254-295737 पर संपर्क कर विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं अभ्यर्थी.श्रम संसाधन विभाग के द्वारा दिनांक 11.12.2025 को जिला नियोजनालय, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के प्रांगण में जॉब कैम्प का आयोजन निर्धारित है.इस दिन 11.00 बजे पूर्वाह्न से 04.00 बजे अपराह्न तक इच्छुक अभ्यर्थी जॉब कैंप में नियोजक से जॉब के विषय में जानकारी प्राप्त कर अपना आवेदन/बायोडाटा जमा कर सकते हैं. इच्छुक अभ्यर्थियों का एनसीएस पोर्टल पर निबंधन कराना अनिवार्य है.      जिला नियोजन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि 11 दिसंबर को जिला नियोजनालय के प्रांगण में आयोजित जॉब कैंप में निजी नियोजक द्वारा विभिन्न पदों यथा-ग्राहक मित्र, सिनियर ग्राहक मित्र पर कार्य करने के लिए कुल 20 अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा. कंपनी द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को 11000/26000 रुपये मानदेय प्रदान जायेगी.कार्यक्षेत्र पश्चिम चम्पारण/पूर्वी चंपारण/मुजफ्फरपुर होगा. उन्होंने बताया कि अभ्यर्थी इससे संबंधित विशेष जानकारी के लिए जिला नियोजनालय के नंबर...

कलकत्ता महाधर्मप्रांत में है अवर लेडी ऑफ द मोस्ट होली रोजरी कैथेड्रल, मुर्गीहाटा

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  कलकत्ता महाधर्मप्रांत में है अवर लेडी ऑफ द मोस्ट होली रोजरी कैथेड्रल, मुर्गीहाटा अवर लेडी ऑफ़ द मोस्ट होली रोज़री कैथेड्रल, मुर्गीहाटा कलकत्ता . कलकत्ता महाधर्मप्रांत केआर्चबिशप एलियास फ्रैंक का कोट ऑफ़ आर्म्स कैथेड्रा पर स्थापित; आर्चडायोसीज़ के नए अध्याय का औपचारिक उद्घोष.मुर्गीहाटा — अवर लेडी ऑफ़ द मोस्ट होली रोज़री कैथेड्रल में आज एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण का साक्षात्कार हुआ, जब 1 दिसंबर 2025 को कैथेड्रा—बिशप की आधिकारिक सीट—के ऊपर नवनियुक्त  आर्चबिशप एलियास फ्रैंक का कोट ऑफ़ आर्म्स औपचारिक रूप से स्थापित किया गया.इस समारोह ने आर्चडायोसीज़ ऑफ़ कलकत्ता में उनके आध्यात्मिक नेतृत्व के नए दौर की शुरुआत को सार्वजनिक रूप से प्रतीकात्मक स्वीकृति प्रदान की. कैथेड्रा: अधिकार, सेवा और शिक्षण का प्रतीक कैथोलिक परंपरा में कैथेड्रा केवल एक भव्य कुर्सी नहीं, बल्कि बिशप के शिक्षण अधिकार (Magisterium), पादरी नेतृत्व और सेवा की प्रतिबद्धता का केंद्र माना जाता है. इसी कैथेड्रा से बिशप अपने समुदाय को मार्गदर्शन देते हैं, और इसी कारण किसी चर्च को कैथेड्रल की उपाधि प्राप्त होती है.कैथेड...

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 70 वीं पुण्यतिथि

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संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 70 वीं पुण्यतिथि   महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में सदाकत आश्रम में मनाई गई पटना . आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम में भारत के संविधान निर्माता एवं सामाजिक न्याय के अग्रदूत डॉ. भीमराव अंबेडकर की 70 वीं पुण्यतिथि महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में श्रद्धा व सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  राजेश राम ने की.इस अवसर पर राजेश राम के नेतृत्व  में कांग्रेसजनों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें सादर नमन किया.     इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  राजेश राम ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल संविधान के शिल्पकार ही नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक समानता, न्याय, शिक्षा और मानव गरिमा के सबसे बड़े हिमायती थे. आज उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने और देश में सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने का संकल्प लेते हैं.उन्होंने हमें लोकतंत्र का वह आधार दिया है, जिस पर आज भारत खड़ा है.     उन्होंने आगे कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष, समर्पण...

ऐतिहासिक महारैली 14 दिसंबर को रामलीला मैदान,नई दिल्ली में

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दिल्ली रामलीला मैदान में SIR के मुद्दे पर 14 दिसंबर को बिहार से बड़ी संख्या में पहुंचेंगे कांग्रेसजन: राजेश राम *रामलीला मैदान में एसआईआर के खिलाफ बिहार से बड़ी संख्या शामिल होंगे कांग्रेसजन: राजेश राम पटना,(आलोक कुमार). आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में एस.आई.आर. (SIR) से जुड़े गंभीर मुद्दे को लेकर आगामी 14 दिसंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक महारैली की पूर्ण सफलता के लिए प्रदेश कांग्रेस द्वारा नियुक्त सभी जिला पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के अध्यक्षता में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने संबोधित करते हुए  कहा कि एस.आई.आर. के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी और जनता की चिंता को नज़रअंदाज़ करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. आगामी 14 दिसंबर की महारैली देशभर के पीड़ितों और चिंतित नागरिकों की आवाज़ को केंद्र सरकार तक शक्तिशाली रूप में पहुँचाएगी और चुनाव आयोग के द्वारा भेदभाव पूर्ण रूप से की जा रही इस प्रक्रिया के मनमानी को राष्ट्रीय स्तर पर रखा जाएगा. इस महारैली को लेकर बि...

सदाकत आश्रम में मनाई गई राजेंद्र बाबू की जयंती

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  सदाकत आश्रम में मनाई गई राजेंद्र बाबू की जयंती  पटना .भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डा0 राजेन्द्र प्रसाद की 141 वीं जयंती  आज सदाकत आश्रम में मनाई गई.बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम  के नेतृत्व में सदाकत आश्रम के उद्यान में स्थित डा0 राजेन्द्र प्रसाद की प्रतिमा पर  कांग्रेसजनों ने माल्यार्पण किया.       इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय संविधान निर्माण और राष्ट्र निर्माण के अतुलनीय पुरोधा थे. उनका सादा जीवन, उच्च विचार और देश के प्रति समर्पण आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है.कांग्रेस पार्टी सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी, जो डॉ. राजेंद्र प्रसाद के आदर्शों की सच्ची विरासत है.      राजेश राम ने कहा कि डा0 राजेन्द्र प्रसाद में विलक्षण प्रतिभा  के साथ साथ  उनका स्वाभाव भी बहुत ही  मृदुल था.देश के प्रथम राष्ट्रपति का पद ग्रहण करने वाले राजेन्...

अनुशासित और अधिक मसीह-केंद्रित बनाता है

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  पटना .सिरो-मालाबार कलीसिया अपने पांच-वर्षीय पादरी अभियान के चौथे पड़ाव पर पहुंच चुकी है—कलीसियाई अनुशासन का वर्ष. यह संयोग नहीं, बल्कि आवश्यकता की मांग है. वैश्वीकरण के प्रवाह में जब पहचान धुंधली पड़ने लगती है, जब परंपरा केवल स्मृतियों में सिमटने लगती हैं, और जब विश्वास की जड़ें प्रवासी जीवन की भागदौड़ में खोने लगती हैं—तब अनुशासन ही वह आधार बनता है जो कलीसिया को स्थिर रखता है. लेकिन ‘अनुशासन’ शब्द को समझने की आवश्यकता है. अनुशासन किसी दंड की छाया नहीं, बल्कि प्रशिक्षण है; किसी बंधन की जंजीर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक परिपक्वता का मार्ग है. लैटिन शब्द disciplina यही सिखाता है—निर्देशन, शिक्षा और गठन.इसी शिक्षा के द्वार से होकर हम मसीह को गहराई से जानने, उनके साथ एकाकार होने और ईसाई जीवन को सच्चाई से जीने के योग्य बनते हैं. कैनन विधि: व्यवस्था नहीं, सहभागिता का सेतु कैथोलिक कलीसिया केवल एक संस्था नहीं—यह सहभागिता का जीवित शरीर है. ईश्वर त्रिएक के साथ हमारा संबंध तभी संभव है जब हम कलीसिया, उसके शिक्षण, उसकी परंपराओं और उसके अनुशासन के भीतर जीते हैं. संत पौलुस तिमोथियुस को बताते हैं: “य...