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Bihar: लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के शब्द केवल व्यक्तिगत विचार नहीं होते

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लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के शब्द केवल व्यक्तिगत विचार नहीं होते, बल्कि वे जनता की भावनाओं, उम्मीदों और राजनीतिक संस्कृति को भी प्रभावित करते हैं लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के शब्द केवल व्यक्तिगत विचार नहीं होते, बल्कि वे जनता की भावनाओं, उम्मीदों और राजनीतिक संस्कृति को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए जब कोई नेता बिना तथ्यों की जांच किए या बिना गंभीरता के बयान देता है, तो वह केवल अपनी छवि को ही नहीं बल्कि राजनीति की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाता है। आजकल ऐसा प्रतीत होने लगा है कि कई नेताओं की रणनीति मीडिया की सुर्खियों में बने रहने तक सीमित हो गई है। चाहे बयान विवादित हो, तथ्यात्मक रूप से गलत हो या हास्यास्पद, लेकिन यदि उससे टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर चर्चा मिल जाए तो उसे राजनीतिक सफलता मान लिया जाता है। बिहार के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का हालिया बयान इसी प्रवृत्ति की ओर संकेत करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने जनता को “1925 के चुनाव” में जदयू को 200 सीटें दिलाने के लिए धन्यवाद दिया। यह बयान कई कारणों से चर्चा का विषय बन गया। पहली बात, बिहार विधानसभा चु...

Bihar:लालू के परिवार में खुशी का माहौल

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 विभिन्न मामलों में मिली जमानत ने लालू परिवार और समर्थकों के बीच राहत और खुशी का माहौल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो Lalu Prasad Yadav से जुड़े चारा घोटाले के मामलों में चल रही कानूनी प्रक्रिया और विभिन्न मामलों में मिली जमानत ने उनके परिवार और समर्थकों के बीच राहत और खुशी का माहौल पैदा किया है। कई वर्षों से अदालतों, जांच एजेंसियों और राजनीतिक विवादों के बीच घिरे लालू प्रसाद यादव के लिए यह दौर राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों स्तरों पर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। ऐसे समय में जब स्वास्थ्य समस्याएं भी लगातार बढ़ती रही हैं, अदालत से मिली राहत को उनके परिवार ने एक बड़ी राहत के रूप में देखा है। चारा घोटाला देश के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जाता है। यह मामला अविभाजित बिहार में पशुपालन विभाग से फर्जी बिलों और कागजात के जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा था। 1990 के दशक में यह मामला सामने आया और बाद में इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई को सौंपी गई। जांच के दौरान कई बड़े अधिकारियों, नेताओं और कर्मचारियों के नाम सामने आए, जिनमें सबस...

World: 8 मई 2025 को पोप चुने जाने के बाद से उनका कार्यकाल निरंतर चर्चा और उम्मीदों का केंद्र

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वे इतिहास के पहले अमेरिकी पोप हैं, जिन्होंने अपने विनम्र स्वभाव, संतुलित दृष्टिकोण और वैश्विक समस्याओं पर संवेदनशील प्रतिक्रिया के कारण विश्वभर के कैथोलिकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। कैथोलिक कलीसिया के सर्वोच्च धर्मगुरु Pope Leo XIV ने 8 मई 2026 को अपने पोपत्व का पहला वर्ष पूरा कर लिया। पिछले एक वर्ष में उन्होंने विश्व कलीसिया को एक नई दिशा देने, शांति और मानवता का संदेश फैलाने तथा आधुनिक चुनौतियों के बीच चर्च की भूमिका को मजबूत करने का प्रयास किया है। 8 मई 2025 को पोप चुने जाने के बाद से उनका कार्यकाल निरंतर चर्चा और उम्मीदों का केंद्र बना हुआ है। वे इतिहास के पहले अमेरिकी पोप हैं, जिन्होंने अपने विनम्र स्वभाव, संतुलित दृष्टिकोण और वैश्विक समस्याओं पर संवेदनशील प्रतिक्रिया के कारण विश्वभर के कैथोलिकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। पोप लियो XIV का मूल नाम कार्डिनल रॉबर्ट फ्रांसिस प्रेवोस्ट था। वे अमेरिका के शिकागो क्षेत्र से संबंध रखते हैं और लंबे समय तक मिशनरी तथा प्रशासनिक सेवाओं में कार्य कर चुके हैं। लैटिन अमेरिका विशेषकर पेरू में उनकी सेवाओं ने उन्हें गरीबों, प्रवासियों और सामाजि...

World: 9 मई का दिन विश्व और भारत के इतिहास में अनेक महत्वपूर्ण घटना

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 9 मई : इतिहास, संस्कृति और प्रेरणा का विशेष दिन 9 मई का दिन विश्व और भारत के इतिहास में अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं, स्मृतियों और प्रेरणाओं से जुड़ा हुआ है। यह दिन केवल कैलेंडर की एक साधारण तारीख नहीं, बल्कि मानव सभ्यता, स्वतंत्रता, विज्ञान, साहित्य, राजनीति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़ी अनेक घटनाओं का साक्षी रहा है। हर वर्ष 9 मई हमें अतीत की उपलब्धियों को याद करने, वर्तमान को समझने और भविष्य के लिए प्रेरणा लेने का अवसर देता है। द्वितीय विश्व युद्ध और विजय दिवस विश्व इतिहास में 9 मई का सबसे बड़ा महत्व “विजय दिवस” के रूप में माना जाता है। रूस तथा कई पूर्व सोवियत देशों में इस दिन को नाजी जर्मनी पर विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में जर्मनी ने आत्मसमर्पण किया था। इस युद्ध ने पूरी दुनिया को विनाश, हिंसा और पीड़ा दी थी। करोड़ों लोगों की जान गई और अनेक शहर तबाह हो गए। 9 मई को मनाया जाने वाला विजय दिवस मानवता को यह संदेश देता है कि युद्ध चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अंततः शांति और एकता की ही जीत होती है। रूस की राजधानी मॉस्को में इस अव...

India l सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक का पदभार संभाला

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सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक (Director General) का पदभार संभाला Catholic Health Association of India (CHAI) के लिए 1 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी ने संगठन के महानिदेशक (Director General) का पदभार संभाला। वे Sisters of St. Anne की सदस्य हैं तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनाकोलॉजिस्ट) के रूप में प्रशिक्षित चिकित्सक हैं। चिकित्सा सेवा, अस्पताल प्रबंधन और सामाजिक स्वास्थ्य मिशन में उनका लंबा अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए विशिष्ट बनाता है। भारत के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए प्रसिद्ध CHAI लंबे समय से चिकित्सा एवं मानवीय सेवा के क्षेत्र में कार्य करता रहा है। इस संगठन की एक विशेषता यह है कि इसके जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले लगभग 80 प्रतिशत सदस्य महिलाएँ हैं। इसके बावजूद पिछले 83 वर्षों से इस संस्था का नेतृत्व केवल पुरुषों के हाथों में रहा। ऐसे में सिस्टर डॉ. हेलेन मैरी का महानिदेशक बनना केवल प्रशासनिक परिवर्तन नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इस परिवर्तन के पीछे फादर मैथ्यू अ...

Keralam:37 वर्षों के अटूट साथ का अनुपम उत्सव

  37 वर्षों के अटूट साथ का अनुपम उत्सव विवाह केवल दो व्यक्तियों का साथ नहीं, बल्कि दो आत्माओं, दो परिवारों और दो जीवन यात्राओं का सुंदर मिलन होता है। जब कोई दंपति साथ-साथ जीवन के 37 वर्ष पूरे करता है, तो यह केवल एक तारीख या वर्षगांठ नहीं रहती, बल्कि प्रेम, विश्वास, धैर्य और समर्पण की एक प्रेरणादायक कहानी बन जाती है। विवाह के 37 वर्ष पूरे होने को “अलाबास्टर वर्षगांठ” (Alabaster Anniversary) कहा जाता है। यह अवसर उस रिश्ते की मजबूती और कोमलता का प्रतीक है, जिसने समय की हर परीक्षा को पार किया हो। केरलम  के जोसेफ एन. एम. और उनके जीवनसाथी का यह 37 वर्षों का सफर भी ऐसे ही अटूट प्रेम और समझदारी का उदाहरण है। जीवन में सुख-दुख, संघर्ष और सफलताओं के बीच एक-दूसरे का हाथ थामे रखना आसान नहीं होता, लेकिन जो दंपति यह यात्रा साथ निभाते हैं, वे समाज के लिए प्रेरणा बन जाते हैं। अलाबास्टर वर्षगांठ का महत्व 37वीं विवाह वर्षगांठ का प्रतीक “अलाबास्टर” है। अलाबास्टर एक सफेद, मुलायम और सुंदर पत्थर होता है, जिसका उपयोग प्राचीन समय से कला और सजावट में किया जाता रहा है। यह पत्थर बाहर से कोमल दिखाई देता ...

Bihar:सेंट डोमिनिक सैवियो का पर्व

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उत्सव की शुरुआत एक विशेष सुबह की सभा से हुई सेंट डोमिनिक सैवियो हाई स्कूल में उनके संरक्षक संत, सेंट डोमिनिक सैवियो का पर्व (Feast Day) मुख्य रूप से 6 मई को मनाया जाता है।        इस अवसर पर पटना आर्चडायोसिस के एमेरिटस आर्चबिशप विलियम डिसूजा के नेतृत्व में सेंट डोमिनिक में पवित्र मास किया गया.उनके साथ कुर्जी पल्ली के प्रधान पल्ली पुरोहित फादर सेल्विन जेवियर भी थे.पर्व दिवस का उत्सव देखने को मिला जो विश्वास, कृपा और एकजुटता से भरा संपूर्ण एक दिवस बन गया.     इससे पूर्व सेंट डोमिनिक सैवियो हाई स्कूल, पटना ने 5 मई, 2026 को सेंट डोमिनिक सैवियो का पर्व दिवस बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाया। उत्सव की शुरुआत एक विशेष सुबह की सभा से हुई, जिसके बाद झारखंड विधानसभा के अंतिम एंग्लो-इंडियन समुदाय के पूर्व विधायक सह डायरेक्टर ग्लेन जोसेफ गैल्स्टन ने प्रेरणादायक शब्द कहे और छात्रों को सेंट डोमिनिक सैवियो के मूल्यों पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रों ने रंग-बिरंगे पोस्टरों के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया और उनके जीवन से जुड़ी एक दिलचस्प प्रश्नोत्तरी (क्विज़...