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23 साल खत्म हो चुके है इसके बाद भी 1773 स्कूलों को अपना भवन नहीं मिला

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  पटना.बिहार में 70 हजार प्राथमिक और मध्य विद्यालय हैं.इनमें 1773 विद्यालयों के पास अपना भवन नहीं है.पटना जिले में ही 190 विद्यालय भवनहीन हैं, जो दूसरे विद्यालयों में चलाए जा रहे हैं.पटना क्षेत्र में 74 ऐसे विद्यालय है, जिनका अपना भवन नहीं है. इसमें 13 मध्य विद्यालय लड़कियों के हैं.ऐसे सभी विद्यालयों को मर्ज करने का निर्णय लिया गया है. प्रदेश में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों की संख्या 70 हजार है. इनमें प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 38 हजार और मध्य विद्यालयों की संख्या 32 हजार है. पटना में 3339 प्राथमिक और मध्य विद्यालय हैं, जिसमें 2183 प्राथमिक और 1140 मध्य विद्यालय हैं.अल्पसंख्यकों के लिए 16 मध्य विद्यालयों और 12 प्रस्वीकृत विद्यालय है. अपनी जमीन अपना भवन का यह सपना शिक्षा विभाग 1999 से दिखा रहा है. इसके बाद भी भवनहीन विद्यालयों के लिए 23 साल से जमीन की तलाश पूरी नहीं कर सका है. 1999 में शिक्षा विभाग ने लोगों तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रदेश में लगभग 20 हजार विद्यालयों बनाए थे. यहां-वहां की तर्ज पर बनाए गए विद्यालयों का निर्माण किया गया था. योजना थी कि दो-तीन साल में अपनी जमीन खोज क...

और दोस्तों से कहते रहते कि दिल्ली से पटना आते ही रहेंगे अंततः पटना जेफरी आ ही गये

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 और दोस्तों से कहते रहते कि दिल्ली से पटना आते ही रहेंगे अंततः पटना जेफरी आ ही गये कुर्जी चर्च  जेफरी केरकेट्टा का नाम समीर केरकेट्टा भी है. कुर्जी क्रिश्चियन काॅलोनी में रहने वाले आर केरकेट्टा के पुत्र हैं. स्व.आर केरकेट्टा नोट्र्े डेम एकेडमी में अकाउंटेड थे.उनके चार पुत्री और चार पुत्र हैं.पुत्रियों में सरोज बड़ी थीं.पुत्र में जेफरी केरकेट्टा बड़े थे.पटना में कालाजार विभाग में कार्यरत थे. इसके बाद दिल्ली में स्थानान्तरण हुआ था.वहां पर बेहतर ढंग से कार्य करते थे.इस बीच बीमार पड़े. किडनी में कैंसर हो गया था. इसका इलाज चल रह था. इस बीच दिल्ली से पटना आते और जाते थे.पटना के दोस्तों से कहते थे कि अब पटना आते रहेंगे.यह देखें पटना आ ही गये.यह विधि के विधान के तहत हो गया. उनसे मिलने वाले रिश्तेदार और दोस्त आ गये.पर वह बाॅक्स में पड़े रहे.आने वाले लोग जेफरी के बारे कहते रहे जिंदा दिल इंसान थे. चेहरे पर मुस्कान बिखड़ते रहते थे.किसी से दुश्मनी नहीं सभी दोस्त ही थे. जेफरी के दोस्तों में सुशील लकड़ा, जोन बेनेदिक्त,इक्लारेंस हेनरी,सुशील लोबो,जेवियर लुइस आदि आये थे.वहीं जेफरी की धर्मपत्नी ग...

लेंट के चालीस दिन की आध्यात्मिक तैयारी

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 ईसाई समुदाय के पाम संडे के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों को समेटकर पेश है आलोक कुमार और स्वीटी माइकल की विशेष रिपोर्ट.. पटना.पाम संडे के साथ ही ईसाई समुदाय के लिए पुण्य सप्ताह का आगाज हो गया है.इस पुण्य सप्ताह के दौरान पवित्र बृहस्पतिवार को परमप्रसाद की स्थापना के रस्म अदायगी, अंतिम ब्यालु भी कहा जाता है. पुण्य शुक्रवार को उपवास और परहेज का दिन होगा.इस दिन रूस और यूक्रेन के बीच जारी महायुद्ध समाप्त के लिए ईसाई समुदाय उपवास और परहेज रखेंगे. पुण्य शुक्रवार यानी गुड फ्राइडे को प्रभु येसु को क्रूस पर चढ़ाकर मार डालने पर गम इजहार करेंगे.इस अवसर पर झांकी प्रस्तुत विक्टर फ्रांसिस पेश करेंगे. पवित्र धर्मग्रंथ बाइबल में उल्लेखित प्रभु येसु को क्रूस चढ़ाकर मार डालने के बाद तीन दिनों के जीवित हो जाने का पर्व अगले रविवार को ईस्टर के रूप मनाया जाएगा. प्रभु येसु के जीवित हो उठने की खुशी में यह पर्व मनाया जाता है. इससे पहले चर्च में इस पूरे सप्ताह अलग-अलग दिनों में कई तरह के आयोजन होंगे. आजकल अप्रैल महीना चल रहा है.अप्रैल माह हिंदू और मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए पवित्र माह है.इसके साथ ही ईसाई समुदा...

गेंद जनता के पाले में

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  पटना. पटना नगर निगम के पाटलिपुत्र अंचल में  वार्ड नम्बर- 22 ए के वार्ड पार्षद हैं दिनेश कुमार.इस वार्ड पार्षद के पार्षद प्रतिनिधि हैं नीरज कुमार. वार्ड 22 ए में गंगा विहार कॉलोनी है.यहां पर पांच सौ मकान है.इस गंगा विहार के लोग समस्याओं से जूझ रहे हैं. कॉलोनी के मो.आरिफ ने समस्याओं का जिक्र करने के दरम्यान कहते हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गरीबों की प्यास बुझाने के लिए 2015 में जब महागठबंधन के साथ सरकार बनाई थी, उस समय उन्होंने सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल के माध्यम से शुद्ध पेयजल मिल सके इसकी शुरुआत की थी. इस योजना को शुरू हुए 7 साल से अधिक हो गए, लेकिन अभी भी यह योजना पूरी तरह से धरातल पर नहीं दिख नहीं रही है. राजधानी पटना में ही यह योजना दम तोड़ रही है. उन्होंने कहा कि इस बहुआंकाक्षी सात निश्चय योजना के तहत हर घर नल का जल पहुंचाने का प्रयास 2016 में गंगा विहार कॉलोनी में भी किया गया.आईटीआई छात्रावास के बगल में जलापूर्ति केंद्र सह जलमिनार से पाइप का संयोजन किया गया.पॉश एरिया फेयरफील्ड कॉलोनी में पाइप बिछाकर गंगा विहार कॉलोनी में अंत किया गया. उन्होंन...

क्रिस्म मास में पुरोहित लेते है वादा साथ-साथ रहने का

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  पटना.प्रभु येसु ख्रीस्त ने अंतिम ब्यालू के समय बलिदान चढ़ाने की शक्ति दी, जब उसने रोटी और दाखरस को स्वयं के शरीर और रक्त में परिवर्तित करते हुए कहा, 'यह मेरी स्मृति में किया करो.' इन शब्दों के द्वारा उसने उन्हें खीस्तयाग अर्पित करने को कहा. बारह प्रेरित प्रथम धर्माध्यक्ष और पुरोहित थे.वे स्वयं महापुरोहित येसु ख्रीस्त द्वारा अभिषिक्त किए गए थे.प्रेरितों के कार्यकलाप और धर्मग्रंथ के दूसरे भागों में हम पाते हैं कि पुरोहिताई के पवित्र संस्कार द्वारा उन्होंने दूसरे व्यक्तियों को धर्माध्यक्ष और पुरोहितों की शक्ति प्रदान की.केवल धर्माध्यक्षों और पुरोहितों के पास ही वह शक्ति है, जो ख्रीस्त ने बारह प्रेरितों को प्रदान की थी. पुण्य बृहस्पतिवार 14 अप्रैल को हर साल आर्चबिशप अथवा स्थानीय बिशप क्रिस्म मास का आयोजन करते है.यह आयोजन पवित्र सप्ताह के दौरान अंतिम व्यालू के दिन पवित्र बृहस्पतिवार के दिन होता है.इस साल रोम में 14 अप्रैल पुण्य बृहस्पतिवार को प्रातः 9.30 बजे से संत पेत्रुस महागिरजाघर में किस्म मास होगा, जिसमें संत पापा फ्रांसिस, कार्डिनलों, महाधर्माध्यक्षो और पुरोहितों (रोम के धर्म...

ईसा मसीह के खिलाफ षड्यंत्र रच कर उन्हें सूली पर लटकाया गया

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पटना.इस साल 15 अप्रैल को गुड फ्राइडे है.इन दिनों ईसाई समाज 40 दिनों का उपवास रखते हैं.ईसाई धर्म में आस्था रखने वालों के लिए भी गुड फ्राइडे का दिन बहुत अहम है.बाइबल के अनुसार, इसी दिन ईसाई धर्म के प्रभु ईसा मसीह के खिलाफ षड्यंत्र रच कर उन्हें सूली पर लटकाया गया था. इस वर्ष गुड फ्राइडे 15 अप्रैल को मनाया जाएगा.दरअसल, गुड फ्राइडे के साथ ईसाई धर्म के लोगों के लिए पाम संडे और ईस्टर डे भी महत्वपूर्ण माना जाता है. इस साल पाम संडे 10 अप्रैल को है.वहीं गुड फ्राइडे 15 अप्रैल को है और ईस्टर संडे 17 अप्रैल को है.बाइबल, यूहन्ना 18 और 19 में इन तीन दिनों में जो घटना घटी थी उसका उल्लेख किया गया है. बाइबल के अनुसार, पाम संडे पर ईसाई धर्म के प्रभु ईसा मसीह यरूशलेम पहुंचे थे जहां लोगों ने उनका स्वागत खजूर की डालियों को बिछाकर किया था, इस घटना के वजह से इस दिन को पाम संडे का नाम दिया गया है. जब वह  यरूशलेम यानी इजरायल की राजधानी  यरूशलेम  पहुंचे थे तब उन्हें सूली पर लटकाया गया था. जिस दिन उनकी मृत्यु हुई थी उस दिन को गुड फ्राइडे के नाम से जाना जाता है. आप यह जानकर हैरान रह जाएंगे की, ठ...

बक्सर धर्मप्रांत में 29 जून 2018 से बिशप नहीं

पटना.कैथोलिक धर्मप्रांत में इलाहाबाद धर्मप्रांत विश्व का सबसे बड़ा धर्मप्रांत था.इसमें कोलकाता, पटना, जबलपुर, इंदौर, लखनऊ, झांसी और गोरखपुर आते थे. 1887 में कोलकाता धर्मप्रांत, पटना धर्मप्रांत 1919 में, 1932 में जबलपुर धर्मप्रांत, 1935 में इंदौर धर्मप्रांत, 1940 में लखनऊ धर्मप्रांत व 1946 में गोरखपुर इलाहाबाद धर्मप्रांत से अलग हुए. 1845 मे हुगली दो विकारिएट में विभाजित हुआ. एक भाग चटगांव विकारिएट और दूसरा कोलकाता विकारिएट जो पूर्वी बंगाल और पश्चिम बंगाल के नाम से जाने जाते थे. पश्चिम बंगाल को 1864 में बेल्जियम जेसुइट पुरोहितों के हाथों सौंपा गया.वह महाधर्मप्रांत के अस्तित्व में आया. मिशनरियों ने 1865 में मिदनापुर, बालासेार, 1868 में 24 परगना, 1869 में चाईबासा और 1870 में छोटानागपुर क्षेत्र में विकास का काम किया. रोम 1812 में एक विकारिएट में तिब्बत-हिंदुस्तान के प्रान्त बनवाया. 1827 एक स्वतंत्र पटना विकारिएट बनाया गया था.जिसमें बेतिया , चुहड़ी , पटना सिटी , दानापुर , भागलपुर , दार्जिलिंग , सिक्किम , नेपाल तथा निकटवर्ती प्रदेशों. संत अनास्तासियस हार्टमैन को इसका पहला विकार अपोस्टोलिक नियुक...