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मई माह के अंत तक 10 हजार पुराने वृक्षों की जिओ टैगिंग

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  मोतिहारी.जिलाधिकारी श्री शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में जिलान्तर्गत चलाये जा रहे महत्वपूर्ण अभियान यथा-  guardians  ऑफ ट्री चम्पारण, अमृत सरोवर, ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबन्धन, स्माइल, सीआईएसएस सहित अन्य योजनाओं की प्रगति का किया गया.समीक्षा के दौरान दिए गए महत्वपूर्ण आवश्यक दिशा-निर्देश.Guardians tree के तहत मई माह के अंत तक 10 हजार पुराने वृक्षों की जिओ टैगिंग करने एवं एक लाख तक ओनरशिप करने के लिए निर्देशित किया गया.अमृत सरोवर का कार्य सभी पंचायतों में करने एवं वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट के कार्यों को यथा शीघ्र पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया.उक्त बैठक में विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, डीपीएम मनरेगा, सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे. आलोक कुमार

शहरी क्षेत्र में पौधारोपण इत्यादि कार्य योजनाओं के संबंध में चर्चा

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  गया.समाहरणालय सभागार में गया शहर क्षेत्र के विकासात्मक योजनाओं के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य रुप से गया शहर में गंगा उद्वव योजना, शहरी जलापूर्ति योजना, रबर डैम निर्माण योजना, सड़क मरम्मत एवं निर्माण, रेलवे ओवर ब्रिज, शहरी क्षेत्र में पौधारोपण इत्यादि कार्य योजनाओं के संबंध में चर्चा की गयी.उक्त बैठक में माननीय सांसद गया श्री विजय कुमार एवं माननीय विधायक गया शहर डॉक्टर प्रेम कुमार भी उपस्थित थे. सर्वप्रथम बैठक में आए माननीय नगर विधायक एवं माननीय सांसद को जिला पदाधिकारी गया डॉक्टर त्यागराजन एसएम द्वारा स्वागत किया गया.गंगा उद्भव योजना के समीक्षा के दौरान बताया गया कि गया जिले में 42 किलोमीटर क्षेत्र में मेन पाइप लाइन तेतर होते हुए अफगिल्ला तक लाया जा रहा है, पाइप बिछाने में लगभग 41 किलोमीटर का कार्य पूर्ण हो गया है, शेष 1 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का कार्य बचा है, जिसे 15 जून तक शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया जाएगा. बैठक में बताया गया कि तेतर में जलाशय निर्माण के लिए 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 31 मई तक शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा.इसके साथ ही अफगि...

नल-जल की समीक्षा करते हुए आवश्यक जगहों पर चापाकल गड़वाने के आदेश

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नालंदा.आज सोमवार को हरदेव भवन सभागार में जिला पदाधिकारी नालंदा श्री शशांक शुभंकर द्वारा संभावित/सुखाड़ से  बचाव के लिए संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई.रहुई प्रखंड के डिहरा, लोहानचक, मथुरापुर, अब्दुलहिचक, कमरपुर तथा बासत सैदी में पंचाने नदी पर तटबंध मरम्मती के कार्यों की जानकारी कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण से ली गई. बताया गया कि हवनपुरा तथा लोर्हांचक में कार्य चल रहा है. डिहरा में मैटेरियल गिरा हुआ है,कार्य शीघ्र शुरू हो जाएगा. मथुरापुर,कमारपुर,दुलचनपुर,अब्दुलहीचक तथा बासत सैदी के प्रस्ताव विभागीय स्वीकृति के लिए भेजा गया है.जिला पदाधिकारी ने संबंधित अंचलाधिकारी को आदेश दिया कि कार्य की प्रगति की जांच करते हुए अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें.बिंद प्रखंड के गोविंदपुर,जमसारी तथा बरहोग गांव में तटबंध के रिसाव के कारण बाढ़ की स्थिति आ जाती है. तटबंध मरम्मती की जानकारी कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण से ली गई. अद्यतन जानकारी नहीं रखने के कारण जिला पदाधिकारी ने उनसे स्पष्टीकरण पूछा. अस्थावां प्रखंड के जाना गांव में एसएच 82 ए के बाएं जिरायन नदी के तटबंध मरम्...

संत देवसहायम पिल्लाई

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10 नये संतों के नाम इस प्रकार हैं- संत देवसहायम पिल्लाई, संत चेसर दी बुस, संत लुइजी मरिया पालाजोलो, संत चार्ल्स दी फौकल्ड,  संत जुस्तिनो मरिया रूसोलिलो, संत तितुस ब्रैंडस्मा, संत अन्ना मरिया रूबातो, संत मरिया दोमेनिका मंतोवानी, संत मरिया रिवियर और संत करोलिना संतोकनाले. रोम.आज संत पिता फ्रांसिस ने 10 नये संतों के नामों की घोषणा कर दी. उनका नाम इस प्रकार हैं- संत देवसहायम पिल्लाई, संत चेसर दी बुस, संत लुइजी मरिया पालाजोलो, संत चार्ल्स दी फौकल्ड,  संत जुस्तिनो मरिया रूसोलिलो, संत तितुस ब्रैंडस्मा, संत अन्ना मरिया रूबातो, संत मरिया दोमेनिका मंतोवानी, संत मरिया रिवियर और संत करोलिना संतोकनाले.संत पापा ने कहा, ‘ख्रीस्त जो हमारे भाई-बहनों में दुःख सहते हैं उनका स्पर्श करें और उन्हें देखें। यह बहुत महत्वपूर्ण है.जीवन देना यही है.यह स्वार्थ से ऊपर उठना है, दूसरों की आवश्यकता को देख पाना जो हमारे बगल में चल रहे हैं, उन लोगों के साथ समय बिताना जिन्हें हमारी आवश्यकता है, शायद थोड़ा सुनने, समय देने, एक फोन कोल करने के द्वारा। संतता थोड़े साहसिक भावों से नहीं बनते बल्कि दैनिक जीवन के बहुत सा...

जब एक ट्रक ने उसे पीछे से ठोकर मार दिया

जहां पर पढ़ा और वहां पर हेडमास्टर बन गया

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* पटना जेसुइट सोसाइटी में प्रवेश करने के अवसर पर समारोह बेतिया. फादर गैब्रियल  माइकल ने गोल्डन जुबली बनाया.पश्चिमी चंपारण के बेस्ट स्कूलों में शुमार के.आर.हाई स्कूल के हेडमास्टर थे.वे एक बार हेडमास्टर बने.यह कौन कहता है कि  बिहारियों में प्रतिभा और कौशलता में कमी है?इसे दरकिनार कर पटना जेसुइट सोसाइटी के प्रोविंशियल ने बेतिया निवासी फादर गैब्रियल पर विश्वास कर पहली बार 1998 से लेकर 2003 तक लगातार हेडमास्टर की जिम्मेवारी दिये.जिसे बखूबी हेडमास्टर साहब ने निभाया.बेदाग छवि के रहने के कारण फादर गैब्रियल को 2015 से 2020 तक कैंडिडेट हाउस के इंचार्ज के आर का बनाये गए.  गोल्डन जुबली समारोह के अवसर पर आयोजित मिस्सा के मुख्य अनुष्ठानकर्ता स्वयं फादर गैब्रियल  माइकल थे.उनके साथ फादर क्रिस्टोफर, फादर माइकल रफायल रिचर्ड, फादर फिन्टन साह के अलावे 10 और पुरोहित थे.बता दें कि फादर गैब्रियल माइकल के आर हाई स्कूल से ही पढ़ाई किए थे.इस प्रकार कुल 21 वर्षों तक के आर हाई स्कूल में रहे.फादर गैब्रियल माइकल का जन्म 2 सितंबर 1954 को बेतिया में हुआ था. जेसुइट में 01 जुलाई 1971 को प्रवेश किए थे...

रविवार 15 मई, 2022 को धन्य देवसहायम पिल्लई 'संत' बनेंगे

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  *भारतीय समयानुसार दोपहर 01:30 बजे तमिलनाडु.पहले तमिलनाडु और वर्तमान में कन्याकुमारी जिले के विलवनकोड तहसील के नाट्टालम गाँव के एक हिन्दु परिवार में  धन्य देवसहायम पिल्लई का जन्म 1712 में हुआ.जन्म के 310 साल के बाद नाट्टालम गाँव में जश्न का माहौल है.आज रविवार 15 मई, 2022 को धन्य देवसहायम पिल्लई 'संत' बनेंगे.इसके साथ ही भारतीय संतों के श्रेणी में आ जाएंगे.इस बीच संत पापा फ्राँसिस ने अपने प्रशासन काल में कुल 909 संतों की आधिकारिक घोषणा की है. इस आंकड़े में 813 "ओट्रेंटो के शहीद" शामिल हैं, जो 1480 में दक्षिणी इटली शहर में मारे गए थे और 2013 में संत घोषित किए गए. देवसहायम पिल्लई का जन्म तमिलनाडु के वर्तमान कन्याकुमारी जिले के विलवनकोड तहसील के नाट्टालम गाँव के एक हिन्दु परिवार में 1712 में हुआ.उनके पिता वासुदेवन नम्पूतिरि नामक ब्राह्मण थे और उनकी माता देवकी अम्माल नायर समुदाय की स्त्री थी. बचपन में उनका नाम नीलकण्ठन था और लोग उनको ’नीलम’ पुकारते थे.नायर समुदाय के लोग उस समय के समाज के प्रतिष्ठित लोगों में थे. ट्रावनकोर राज्य के राजा, राज्य के ज़्यादातर अधिकारी और सैनिक न...