बिहार राज्य आवास बोर्ड ने राजीवनगर और दीघा थाना क्षेत्र
पटना.बिहार राज्य आवास बोर्ड ने राजीवनगर और दीघा थाना क्षेत्र में 1024.52 एकड़ जमीन का अघिग्रहण कर लिया था,यह जमीन किसानों की है.इस जमीन पर किसान खेती करते थे,यहां का भुट्टा (मकई) नामी था.जिसके कारण युवकों ने "भुट्टा फुटबॉल टीम" बनाकर मैच खेलते थे. राजीवनगर और दीघा थाना क्षेत्र में 1024.52 एकड़ जमीन का मसला बिहार राज्य आवास बोर्ड ने लटकाकर रख दिया है.जिसका फायदा राजनैतिक दल उठाने लगते है,1974 में छात्र नेता के रूप में लालू प्रसाद यादव मखदुमपुर मोहल्ला में आकर कहे कि आपलोग जेपी आंदोलन में सहयोग करें.सत्ता में आने के बाद दीघा की जमीन का मसला खत्म कर देंगे.मखदुमपुर मोहल्ला के नौजवान जेपी आंदोलन में जेल गए.उसके बाद 1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी की सरकार सत्तासीन रहे.परंतु दीघा की जमीन की समस्या का समाधान न कर सके. 1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी की सरकार की तरह नीतीश कुमार 2005 से 2025 तक 20 वर्षों से सत्तासीन है.परंतु सीएम नीतीश भी दीघा की जमीन की समस्या का समाधान न सके. इस बीच बिहार राज्य आवास बोर्ड ने मनमौजी 1024.52 एकड़ में से जमीन बेचने लगी.वहीं व...