भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब नए और दृढ़ खिलाड़ियों के हाथों में
ध्रुव जुरेल — भारतीय क्रिकेट का नया भरोसा पटना.भारत ‘ए’ और दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के बीच जारी अनौपचारिक टेस्ट ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को मिश्रित भावनाओं का अनुभव कराया. जहां एक ओर ध्रुव जुरेल के बल्ले से लगातार दो शतक निकलने ने उम्मीदों को नई उड़ान दी, वहीं अभिमन्यु ईश्वरन का दोनों पारियों में शून्य पर आउट होना निराशाजनक रहा. मगर इस मुकाबले ने एक बात साफ कर दी — भारतीय क्रिकेट का भविष्य अब नए और दृढ़ खिलाड़ियों के हाथों में है, और उस सूची में सबसे ऊपर नाम है ध्रुव जुरेल का. ध्रुव जुरेल का यह प्रदर्शन किसी संयोग का परिणाम नहीं है.यह एक युवा क्रिकेटर के धैर्य, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रमाण है.उन्होंने पहली पारी में नाबाद 132 रन और दूसरी पारी में नाबाद 127 रन बनाकर न सिर्फ मैच को भारत ‘ए’ के पक्ष में मोड़ा, बल्कि यह भी साबित किया कि वह लंबे प्रारूप के लिए बने हैं. नमन ओझा के बाद वह भारत ‘ए’ के लिए दोनों पारियों में शतक जमाने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बने हैं — यह उपलब्धि अपने आप में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है. साल 2001 में आगरा में जन्मे इस युवा विकेटक...