जेडीयू, बीजेपी और सहयोगी दलों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा
पटना .बिहार की राजनीतिक दिशा एक बार फिर स्पष्ट होती दिखाई दे रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नए मंत्रिमंडल ने आकार ले लिया है और विभागों का ब्योरा यह संकेत देता है कि सत्ता-साझेदारी का संतुलन, अनुभव का उपयोग और राजनीतिक संदेश—तीनों को केंद्र में रखा गया है.जेडीयू, बीजेपी और सहयोगी दलों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा आने वाले दिनों की प्रशासनिक प्राथमिकताओं को भी रेखांकित करता है. सबसे पहले स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सामान्य प्रशासन, गृह, कैबिनेट सचिवालय और निगरानी जैसे अहम विभाग अपने पास रखकर यह साफ कर दिया है कि शासन की धुरी अभी भी उन्हीं के हाथ में है. इसके साथ ही निर्वाचन और वे सभी विभाग जो किसी अन्य को आवंटित नहीं हैं, यह दिखाता है कि वे प्रशासनिक नियंत्रण को केंद्रीकृत रखना चाहते हैं. दो उपमुख्यमंत्रियों—सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा—को सौंपे गए विभाग स्पष्ट रूप से बीजेपी की प्राथमिकता और ताकत दोनों को इंगित करते हैं.सम्राट चौधरी को वित्त और वाणिज्य-कर जैसे निर्णायक आर्थिक विभाग सौंपे गए हैं, जो राजकोषीय अनुशासन और आर्थिक प्रब...