“न्याय यात्रा से समृद्धि यात्रा—21 साल, 16 पड़ाव, बदलता जनसंवाद”
“टेंट से हेलीकॉप्टर तक: नीतीश की ‘यात्रा राजनीति’ का बदलता चेहरा” “न्याय यात्रा से समृद्धि यात्रा—21 साल, 16 पड़ाव, बदलता जनसंवाद” रिपोर्टः आलोक कुमार बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की “यात्रा राजनीति” एक अनोखा अध्याय रही है। वर्ष 2005 की पहली न्याय यात्रा से लेकर 2026 की समृद्धि यात्रा तक, लगभग 21 वर्षों में उनकी 16 यात्राएं केवल राजनीतिक अभियान नहीं रहीं, बल्कि शासन, विकास और जनसंवाद का माध्यम बनीं। इन यात्राओं ने बिहार के प्रशासनिक ढांचे और विकास मॉडल को जमीन से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई। यात्रा की शुरुआत: संघर्ष और जनसंवाद साल 2005 में जब बिहार में राजनीतिक अस्थिरता थी और राष्ट्रपति शासन लागू था, तब नीतीश कुमार ने न्याय यात्रा की शुरुआत की। उस समय उनका उद्देश्य था—जनता के बीच जाकर “सुशासन” का भरोसा दिलाना। उस दौर की यात्राएं बेहद साधारण और जमीन से जुड़ी थीं। वे गांवों में टेंट लगाकर रुकते थे, खेतों में बैठकर लोगों से बात करते थे और कई बार सड़कें खराब होने पर नाव से सफर करते थे। सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकलकर सीधे लोगों के घर पहुंच जाना उनकी पहचान बन गया था। इस शैली का सब...