संदेश

Bihar : जब सत्ता में बैठे लोग शिक्षा की बात करें-----

चित्र
  गणित की यूनिवर्सिटी, इतिहास की राजनीति और बिहार का शिक्षा संकट: बयान से उठे बड़े सवाल "जब सत्ता में बैठे लोग शिक्षा की बात करें, तो उम्मीद होती है कि वे भविष्य का रास्ता दिखाएंगे। लेकिन जब शिक्षा पर दिया गया बयान ही बहस और विवाद का विषय बन जाए, तो सवाल सिर्फ बयान का नहीं, बल्कि सोच और तैयारी का भी बन जाता है।" बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के एक बयान को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बिहार में भविष्य में फिजिक्स, मैथमेटिक्स, केमिस्ट्री और आर्किटेक्चर जैसे विषयों के विश्वविद्यालय स्थापित किए जाएंगे। उनका उद्देश्य शायद बिहार को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का था, लेकिन बयान के शब्दों ने राजनीतिक विरोधियों को हमला करने का मौका दे दिया। सोशल मीडिया पर इस बयान के बाद तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने मुख्यमंत्री की अकादमिक समझ पर सवाल उठाए, जबकि विपक्ष ने इसे बिहार के नेतृत्व की "शिक्षा संबंधी जानकारी की कमी" का उदाहरण बताया। कुछ पोस्टों में तो यहां तक लिखा गया कि "बिहार...

India : राजाजी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं

चित्र
            क्या कोई व्यक्ति बिना सत्ता, बिना पद और बिना किसी राजनीतिक ताकत के लाखों गरीबों, आदिवासियों और भूमिहीनों की आवाज़ बन सकता है?  क्या कोई व्यक्ति बिना सत्ता, बिना पद और बिना किसी राजनीतिक ताकत के लाखों गरीबों, आदिवासियों और भूमिहीनों की आवाज़ बन सकता है? क्या अहिंसा के रास्ते पर चलकर सरकारों को नीतियां बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है? यदि इसका उत्तर खोजना हो, तो एक नाम सामने आता है— पी. वी. राजगोपाल। जिन्हें देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में लोग सम्मानपूर्वक "राजा जी" कहकर संबोधित करते हैं। राजगोपाल पीवी का पूरा नाम राजगोपाल पुथन वीटिल है।उनका जन्म 6 जून 1948 को हुआ है। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर हजारों कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन और शुभचिंतक उन्हें हार्दिक बधाई दे रहे हैं तथा उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद कर रहे हैं। राजाजी का जीवन केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह उन लाखों लोगों की आशा, संघर्ष और अधिकारों की कहानी है, जिनकी आवाज़ लंबे समय तक सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुंच पाई। उन्होंने अपने जीवन को गांधीवादी मूल्यों, अहिंसा, स...

Bihar : बिहार में भूमि और आवास का सवाल कोई नया मुद्दा नहीं है

चित्र
                          जल, जंगल और जमीन के सवाल को राष्ट्रीय बहस का विषय बनाने में भी इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है बिहार में भूमि और आवास का सवाल कोई नया मुद्दा नहीं है। यह केवल जमीन के एक टुकड़े का मामला नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी अधिकार से जुड़ा प्रश्न है। दशकों से हजारों परिवार ऐसे हैं जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है। वे सरकारी जमीन, परती भूमि, सड़क किनारे या दूसरों की जमीन पर अस्थायी आशियाना बनाकर जीवन गुजारने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों के अधिकारों की लड़ाई को लेकर जन संगठन एकता परिषद लंबे समय से संघर्ष करता रहा है। जल, जंगल और जमीन के सवाल को राष्ट्रीय बहस का विषय बनाने में भी इस संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसी कड़ी में एकता परिषद बिहार के कार्यकर्ताओं ने राज्य के सभी 38 जिलों में आवासीय भूमिहीन परिवारों का सर्वेक्षण कराया। सर्वे के आधार पर हजारों परिवारों की सूची तैयार कर संबंधित प्रखंडों के अंचल कार्यालयों में आवेदन जमा किए गए। संगठन का दावा है कि इन आवेदनों पर अपेक्षित क...

Bihar : मेरा भारत, ग्रीन भारत

चित्र
  मेरा भारत, ग्रीन भारत : जलवायु संरक्षण के युवा सहभागिता विषय पर संत लौरेंस स्कूल चुहड़ी में भव्य कार्यक्रम आयोजित बेतिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माय भारत (My Bharat) के तत्वावधान में संत लौरेंस स्कूल, चुहड़ी में "मेरा भारत, ग्रीन भारत : जलवायु संरक्षण हेतु युवा सहभागिता" विषय पर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं के बीच पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता तथा प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला युवा अधिकारी, माय भारत, पश्चिम चम्पारण श्री शशांक मित्तल, यूथ आइकन बिहार श्री आदित्य कुमार मधुकर तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री रोनाल्ड कुँअर सिंह द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का बुके एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान ने कार्यक्रम के वातावरण को और भी गरिमामय बना दिया। अपने संबोधन में जिला युवा अधिकारी श्री शशांक मित्तल ने पर्यावरण संरक...

World : खिलाड़ी से विश्वविजेता कोच बनने तक का सफर

चित्र
  एंडी फ्लावर : खिलाड़ी से विश्वविजेता कोच बनने तक का सफर क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे व्यक्तित्व होते हैं जो खिलाड़ी के रूप में जितने सफल होते हैं, उससे कहीं अधिक ऊंचाई वे कोच के रूप में प्राप्त करते हैं। जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज Andy Flower उन्हीं चुनिंदा महान हस्तियों में शामिल हैं। क्रिकेट जगत में आज उनकी पहचान केवल एक शानदार बल्लेबाज या कप्तान की नहीं, बल्कि ऐसे कोच की है जिसने अनेक टीमों को सफलता की राह दिखाई और कई प्रतिष्ठित ट्रॉफियां जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एंडी फ्लावर का जन्म 28 अप्रैल 1968 को जिम्बाब्वे में हुआ था। खिलाड़ी के रूप में उन्होंने जिम्बाब्वे क्रिकेट को नई पहचान दिलाई। अपनी तकनीकी दक्षता, धैर्य और नेतृत्व क्षमता के कारण वे लंबे समय तक जिम्बाब्वे टीम की रीढ़ बने रहे। उस दौर में जब जिम्बाब्वे जैसी छोटी टीम विश्व क्रिकेट में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी, तब फ्लावर ने बल्ले और कप्तानी दोनों से टीम को मजबूती प्रदान की। हालांकि, क्रिकेट प्रेमियों के बीच उनकी वास्तविक लोकप्रियता तब और बढ़ी जब उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी...

Bihar : पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को नई ऊर्जा

चित्र
              "इस एक फैसले ने पूरे सिस्टम में हलचल मचा दी है..." कटिहार जिले के समेली प्रखंड में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर युवाओं ने ऐसा संकल्प लिया, जिसने पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को नई ऊर्जा दे दी। सैकड़ों पौधे लगाने और उनकी देखभाल का प्रण लेकर युवाओं ने यह संदेश दिया कि प्रकृति को बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की है। मेरा युवा भारत (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार) तथा यूथ पावर स्वयंसेवी संगठन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने क्षेत्र में पर्यावरण जागरूकता का नया अध्याय लिख दिया। नेहरू सेवा सदन पुस्तकालय, भरेली के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं, स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का आयोजन मेरा युवा भारत, कटिहार के जिला युवा अधिकारी नीरज कुमार झा के दिशा-निर्देश में किया गया, जबकि इसकी अध्यक्षता यूथ पावर संगठन के अध्यक्ष हरि प्रसाद मंडल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश...

India : परंपरा, सम्मान और बदलता समय

चित्र
            "जो खबर आपको टीवी पर नहीं दिखाई गई, उसका पूरा सच अब सामने आ चुका है..." भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं में आदिवासी समाज की रीति-रिवाज एक अलग ही आत्मा लिए हुए हैं। छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल और झारखंड के कई ग्रामीण इलाकों में प्रचलित मेहमानों के पैर धोकर स्वागत करने की परंपरा इसी जीवंत सांस्कृतिक विरासत का उदाहरण है। यह केवल एक रस्म नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतिबिंब है जिसमें अतिथि को देवतुल्य माना जाता है। सदियों से आदिवासी समुदाय अपने मेहमानों का स्वागत विनम्रता और सम्मान के साथ करते आए हैं। किसी अतिथि के घर आने पर उसके पैर धोना इस बात का प्रतीक माना जाता है कि वह व्यक्ति उनके लिए आदरणीय है। यह परंपरा समाज में आपसी विश्वास, प्रेम और आत्मीयता को मजबूत करती रही है। ग्रामीण जीवन में यह सम्मान का सर्वोच्च रूप माना जाता था। हाल के दिनों में जब कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का इसी तरह स्वागत किया गया, तो इस पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे आदिवासी संस्कृति और परंपरा का सम्मान बताया, जबकि कुछ ने बदलते सामाजिक पर...