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हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है पुलिस

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 गुमला.गुमला जिले के जारी प्रखंड के रिगनी टोली गांव के रहने वाले थे फादर रजत एक्का.उनका जन्म 27.01.1962 में हुआ था. अभी फादर रजत 61 साल 9 महीना और 1 दिन के थे.उनके सात भाई-बहन थे.जब 31 साल के थे,तब उनका पुरोहिताभिषेक 1993 में हुआ था.जब 56 साल के थे,तब 2018 में उनके पुरोहिताई जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती समारोह मनाया गया था.2019 में फादर रजत एक्का डीन बनकर  चैनपुर   आए थे.          इस बीच चैनपुर मुख्यालय के संत जोन पैरिश के डीन फादर रजत एक्का के बारे में दुखद खबर आ रही है.खबर यह है कि उनका शव पैरिश परिसर में स्थित कुएं से बरामद किया गया है.यह भी खबर है कि गुरुवार की रात 8ः30 बजे फादर रजत एक्का और फादर पवन लकड़ा साथ में खाना खाकर  दोनों अपने-अपने कमरे में सोने चले गए.             बताया जाता है कि प्रत्येक दिन सुबह 5ः30 बजे फादर रजत मिस्सा घंटी बजाते थे लेकिन शुक्रवार को मिस्सा की घंटी नहीं बजी तो फादर पवन लकड़ा ने बजाया. उसके बाद फादर रजत सुबह आठ बजे तक नाश्ते के लिए नहीं पहुंचे त...

बेडसोर होने का खतरा

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  पीछे की जोड़ की हड्डी टूट गयी बेतिया.किसी ईसाई व्यक्ति की मौत होने पर कमलनाथ नगर में स्थित बेतिया कब्रिस्तान में ईसाई धर्म रीति के अनुसार दफन किया जाता है.इसी कब्रिस्तान के नुक्कड़ पर आल्फ्रेड जोवाकिम रहते हैं.गिर जाने हड्डी तोड़वा बैठा है.वह घातक बेडसोर से पीड़ित है. बता दें कि त्वचा पर लंबे समय तक दबाव के कारण त्वचा और उसके नीचे मौजूद ऊतकों को नुकसान हो रहा है.बेडसोर होने का खतरा ज़्यादातर उन लोगों को होता है जो अपनी स्थिति के कारण अपने शरीर को ज़्यादा चला नहीं पाते और लंबे समय तक एक ही अवस्था में रहते हैं.इसका शिकार बदनसीब आल्फ्रेड जोवाकिम हो गया है.वह किसी मसीहा की तलाश में ऐसी अवस्था से उबार दें.एक पर नजर है.वह परोपकारी संस्था संत विंसेंट डी पौल ही है. फिलहाल यह बताया जाता है कि राजधानी पटना स्थित मरियम टोला से आकर बेतिया पल्ली में आल्फ्रेड जोवाकिम रहने लगा है.वह यहां ठेला चलाने का धंधा करता है.कम आमदनी होने के कारण आल्फ्रेड की धर्मपत्नी से संबंध विच्छेद है. कहा जाता है कि वह एक दिन लड़खड़ा कर गिर गया था.धरती पर धड़ाम से गिर जाने के बाद हड्डी तोड़वा बैठा है. पीछे की जोड़ की हड...

23 वर्षों से श्रीबाबू की जयंती समारोह की तरह मनाते रहे

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 सदाकत आश्रम में मना श्रीबाबू का जयंती महासमारोह पटना। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना जब इसके प्रांगण में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती पहली बार मनाई गयी। बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह विगत 23 वर्षों से श्रीबाबू की जयंती समारोह की तरह मनाते रहे हैं।       इस बार जयंती को महासमारोह की तरह मनाया गया। इसकी खासियत यह रही कि डा0 अखिलेश पहली बार प्रदेश अध्यक्ष की हैसियत से यह जयंती मना रहे थे। वहीं बिहार की पहली कांग्रेसी सरकार के मुखिया रहे डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पहली बार कांग्रेस मुख्यालय के प्रांगण में मनायी गयी। पूरे प्रदेश से आये लगभग बारह हजार कांग्रेस कार्यकर्ताओं से खचाखच भरा सदाकत आश्रम का परिसर आज अलग दिख रहा था। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने इसका उद्घाटन किया एवं सुमिरन जी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी समारोह के मुख्य अतिथि थे। पार्टी हाईकमान की ओर से राष्ट्रीय महासचिव तारिक अनवर एवं राष्ट्र...

बिहार विभूति डा0 श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती 26 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में

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 इस बार श्रीबाबू की जयंती होगी ऐतिहासिक  : डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह पटना। बिहार विभूति डा0 श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती 26 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी जायेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि इस बार श्रीकृष्ण बाबू की जयंती शानदार ढंग से मनाया जाएगा.   उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय जनता दल का विधायक सन् 2000 में बना तो सबसे पहले आरजेडी प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जी ने डा0 श्रीकृष्ण सिंह की जयंती मनाने के लिए मुझे प्रेरित किया और तब से हर साल इस  जयंती  को समारोह की तरह मनाता रहा हूँ.     बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डा0 अखिलेश प्रसाद सिंह ने पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता में यह बात कही. मालूम हो कि डा0 श्रीकृष्ण सिंह की 136वीं जयंती इस बार 21 अक्टूबर की जगह 26 अक्टूबर को पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में मनायी जायेगी। पहले यह कार्यक्रम मिलर हाई स्कूल ग्राउण्ड में होना था।     इसके बारे में बताते हुए डा0 सिंह ने कहा कि हम नहीं चाहते थे कि दशहरा पूजा में ...

स्वतंत्र रूप से बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा

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बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी का इतिहास 278 साल पुराना      बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा बिशप बनने के बाद पहली बार बक्सर के बिशप जेम्स शेखर बेतिया में बेतिया. बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी में क्रिश्चियन को बसाने में फादर जोसेफ मेरी को पूर्ण श्रेय जाता है.फादर जोसेफ मेरी के द्वारा बेतिया चर्च की स्थापना की गई.इस चर्च का नाम ‘नेटिविटी ऑफ दी ब्लेस्ड वर्जिन मेरी‘ है.बेतिया क्रिश्चियन कॉलोनी का इतिहास 278 साल पुराना है.वहीं स्वतंत्र रूप से बेतिया धर्मप्रांत का निर्माण का 25 साल पूरा हो गया है.                  फादर जोसेफ मेरी नामक ईसाई धर्म पुरोहित के बारे में बताया जाता है कि वे रोम से तिब्बत तक का सफर को पैदल ही तय किया था, क्योंकि तिब्बत में ईसाइयों पर काफी जुल्म किया जा रहा था, वहां मिलने के लिए नेपाल के रास्ते फादर जोसेफ मेरी काफी मुश्किलों का सामना करते हुए पहुंचे. 20 अप्रैल 1745 को तिब्बत मिशन बंद करना पड़ा और 1745 में पाटन, नेपाल पहुंचे.राजा ध्रुव सिंह के शासन काल 1715 से 1762 ईस्वी है, इन्हीं के समय में फादर जोसेफ मेरी...

विभिन्न प्रखंडों में घूम घूम कर निरीक्षण किया

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 *दुर्गापूजा के अवसर पर विधि व्यवस्था एवं भीड़ प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक जिला के विभिन्न प्रखंडों में घूम घूम कर कर रहे हैं निरीक्षण हिलसा । दुर्गापूजा के अवसर पर जिला में विधि व्यवस्था सामान्य बनाये रखने एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था का जायजा लेने जिलाधिकारी श्री शशांक शुभंकर ने पुलिस अधीक्षक श्री अशोक मिश्रा के साथ विभिन्न प्रखंडों में घूम घूम कर निरीक्षण किया।      अधिकारी द्वय ने विभिन्न पूजा पंडालों के साथ साथ विभिन्न निर्धारित विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया।     इस अवसर पर सामान्य विधि व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन एवं विसर्जन स्थल पर व्यवस्था को लेकर स्थानीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।   उन्होंने  इसलामपुर के हनुमानगंज स्थित सिद्ध पीठ बड़ी देवी मंदिर एवं छोटकी ओंगारी (बूढ़ानगर सूर्य मंदिर तालाब) विसर्जन घाट का निरीक्षण किया।  इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी हिलसा सहित अन्य स्थानीय पदाधिकारी उपस्थित थे। आलोक कुमार

प्रत्येक साल खदानों की माता के आदर में ढोरी माता तीर्थस्थल

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चमत्कारी ढोरी माता मरियम का वार्षिक समारोह प्रत्येक साल खदानों की माता के आदर में ढोरी माता तीर्थस्थल, खदानों में गरीब मजदूरों के प्रति माता मरियम की चिंता और खासकर, मजदूरों के कल्याण के लिए उनकी शक्तिशाली मध्यस्थता का प्रतीक है... कथारा.हजारीबाग धर्मप्रांत के जारंगडीह में संत अंथोनी चर्च है.कोयला खदानों की चमत्कारी ढोरी माता मरियम का वार्षिक समारोह शुक्रवार 20 अक्टूबर को झंडोत्तोलन एवं नोवेना के साथ शुरू की गई.हजारीबाग धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष  आनन्द जोजो ने माता मरियम के सम्मान में झंडोत्तोलन किया तथा मिस्सा बलिदान के द्वारा नोवेना की शुरूआत की. भक्तिपूर्वक रोजरी प्रार्थना करते हुए विश्वासियों ने भारी संख्या में माता मरियम का झंडा लिये हुए नोवेना के पहले दिन में भाग लिया.शुक्रवार के बाद शनिवार को नोवेना में शामिल होने के बाद तीसरे तीन श्रद्धा के साथ श्रद्धालु रविवार को नोवेना में शामिल होंगे. जारंगडीह स्थित ढोरी माता तीर्थालय जारंगडीह में वार्षिक समारोह झंडोत्तोलन व नोवेना प्रार्थना के साथ शुक्रवार को प्रारंभ कर दिया गया. मुख्य अनुष्ठाता हजारीबाग धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष आनन्द ...